Advertisement
Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
Example Ads Media
देहरादून: उत्तराखंड में मकर संक्रांति के साथ ही त्योहारों और मेलों की शुरुआत हो जाएगी। मकर संक्रांति के मौके पर गढ़वाल और कुमांऊ में जगह-जगह कौथिग का आयोजन किया जाएगा। मेलों की तैयारियां अंतिम चरण में है। पौड़ी में आयोजित होने वाला गेंदी कौथिग यहां की विशेष पहचान है। आधुनिकता के साथ मेलों का पारंपरिक स्वरूप भले ही बदल गया है, लेकिन इसे लेकर लोगों का उत्साह आज भी देखते ही बनाता है।जीवन की भागदौड़ के बीच लोग अपनी प्राचीन संस्कृति और परंपराओं से कटते जा रहे हैं, लेकिन उत्तराखंड में पारंपरिक त्योहारों को लेकर आज भी लोगों में जबर्दस्त उत्साह देखने को मिलता है। मकर संक्रांति को यहां मकरैण या खिचड़ी सगरांद के तौर पर जाना जाता है। इस दिन गढ़वाल के अलग-अलग इलाकों में गिंदी मेले का आयोजन किया जाएगा। यमकेश्वर, डाडामंडी जैसी जगहों में इस खेल को लेकर लोगों का उत्साह आज भी देखते ही बनता है।