देवभूमि का एक किसान..जो खेतों में उगाता है ‘सोना’, मैदान पर तैयार करता है गोल्ड मेडलिस्ट

ये सच्ची और अच्छी कहानी उत्तराखंड के उस किसान की है, जो अब एथलीट तैयार कर रहा है। वो एथलीट गोल्ड जीत रहे हैं।
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उत्तराखंड: Story of haridwar farmer jasbir
Image: Story of haridwar farmer jasbir

हरिद्वार: अब आपको एक ऐसे किसान की कहानी सुनातें हैं जो खेतों में फसल और मैदान पर सोना उगाते हैं। ये किसान हैं हरिद्वार के मुंडलाना के रहने वाले 36 साल के जसवीर जो कि एथलेटिक्स कोच भी हैं। मंडल स्तर के एथलीट रह चुके जसवीर कभी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रौशन करने का सपना देखा करते थे, लेकिन गरीबी की वजह से उनका ये सपना पूरा नहीं हो पाया। निराश होने की बजाय जसबीर ने दूसरी खेल प्रतिभाओं को तराशने की ठानी और उन्हें इस मेहनत का फल भी मिल रहा है। देहरादून में हो रहे राज्यस्तरीय खेल महाकुंभ में उनके दो शिष्य गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। जसवीर राजधानी में हो रहे खेल महाकुंभ में हरिद्वार जिले के खिलाड़ियों के साथ हिस्सा लेने आए हैं। उनसे ट्रेनिंग लेने वाले खिलाड़ियों ने राज्यस्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है।

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खेल महाकुंभ में जसबीर के दो शिष्य रितेश गोस्वामी और आशीष ने लंबी कूद में गोल्ड मेडल जीता। खेल प्रतिभाओँ को ट्रेनिंग देने का काम जसबीर पैसे के लिए नहीं करते। वो खिलाड़ियों को मुफ्त ट्रेनिंग देते हैं। इसके लिए उन्होंने अपने खेत में ही मैदान तैयार किया है, जहां वो हर शाम 3 घंटे खिलाड़ियों को प्रैक्टिस कराते हैं।उनसे ट्रेनिंग लेकर 10 युवक पुलिस सेवा और 8 फौज में भर्ती हो चुके हैं। जसबीर वर्ष 1995 से 1997 तक मंडल स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में मेडल जीत चुके हैं। पैसे की तंगी की वजह से वो अंतर्राष्ट्रीयस्तर पर खेलने से चूक गए, लेकिन अब वो चाहते हैं कि उनके सिखाए खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीयस्तर पर खेलें। जिससे देश का नाम रौशन हो। फिलहाल जसवीर को राज्य समीक्षा की टीम की तरफ से हार्दिक शुभकामनाएं...इसी तरह से गोल्ड मेडलिस्ट पैदा कीजिए।