उत्तराखंड में कुश्ती एकेडमी खोलेगा ये इंटरनेशनल पहलवान, विदेश में मिले ऑफर को ठुकराया

उत्तराखंड के युवाओं को तराशने के लिए उत्तराखंड के ही पहलवान लाभांशु शर्मा एक जबरदस्त काम करने जा रहे हैं।
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उत्तराखंड न्यूज: Labhanshu sharma to open academy in uttarakhand
Image: Labhanshu sharma to open academy in uttarakhand

: उत्तराखंड के ऋषिकेश के रहने वाले इंटरनेशनल पहलवान लाभांशु शर्मा को तो आप जानते ही होंगे। लाभांशु अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती प्रतियोगिताओं में दो स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने राज्यस्तर पर 15 और नेशनल लेवल पर 8 गोल्ड मेडल जीते हैं। क्या आप जानते हैं कि लाभांशु शर्मा को विदेश में कोचिंग का ऑफर मिल रहा था लेकिन उन्होंने इसे ठुकराया और कहा कि उससे बेहतर है कि मैं अपने उत्तराखंड के युवाओं को कुश्ती के मैदान में उतारूं और मेडल दिलाऊं। इंटरनेशनल रेसलर लाभांशु शर्मा ने उत्तराखंड में कुश्ती एकेडमी खोलने की इच्छा जताई है। इस वक्त लाभांशु न्यूजीलैंड में कुश्ती की ट्रेनिंग ले रहे हैं, वो न्यूजीलैंड की कुश्ती फेडरेशन के बुलावे पर वहां गए हैं। लाभांशु कहते हैं कि उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत है तो बस इन प्रतिभाओं को संवारने और उन्हें मौका देने की। अब जानिए कि उन्हें न्यूजीलैंड में क्या ऑफर मिला था।

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उत्तराखंड के कुश्ती खिलाड़ियों के लिए इंटरनेशल रेसलर लाभांशु शर्मा जल्द ही एक कुश्ती एकेडमी खोलने जा रहे हैं। एकेडमी खुलने के बाद उत्तराखंड के रेसलर्स को ट्रेनिंग के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। वो राज्य में रहकर ही कुश्ती की प्रैक्टिस कर सकेंगे। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ऋषिकेश का नाम रोशन कर चुके कुश्ती पहलवान लाभांशु शर्मा इन दिनों न्यूजीलैंड में कुश्ती की प्रैक्टिस कर रहे हैं। उत्तराखंड के इस युवा पहलवान को न्यूजीलैंड की कुश्ती फेडरेशन का बुलावा आया था। इस वक्त लाभांशु न्यूजीलैंड में रहकर कुश्ती के दांव-पेच सीख रहे हैं। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वो उत्तराखंड में कुश्ती एकेडमी खोलेंगे। इससे क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को तराशने में मदद मिलेगी। लाभांशु 11 जनवरी से न्यूजीलैंड में प्रशिक्षण ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड में एक निजी कुश्ती एकेडमी ने उन्हें रेसलिंग कोच बनने का ऑफर दिया था, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। लाभांशु ने कहा कि विदेश में कोचिंग देने से बेहतर है कि वो अपने प्रदेश में एकेडमी स्थापित करें, और यहां के युवाओं को कुश्ती की ट्रेनिंग दें। बता दें कि लाभांशु जल्द ही ट्रेनिंग खत्म कर उत्तराखंड लौटेंगे और यहां कुश्ती का अखाड़ा खोलेंगे।