उत्तराखंड के इंस्पेक्टर विपिन चंद्र पंत कई ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा कर चुके हैं। उनके अनुभव और काम के लिए उन्हें दो बार राज्यपाल पुरस्कार मिल चुका है।
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कोमल
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Image: Story of inspector bipin chandra pant
नैनीताल: पुलिस की छवि और उसके काम करने के तरीके पर अक्सर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन देवभूमि में एक पुलिस अफसर ऐसा भी है, जिस पर लोग भरोसा करते हैं...ये पुलिस अफसर दरिंदों को फांसी के फंदे तक पहुंचाता है। इस जांबाज पुलिस इंस्पेक्टर का नाम है विपिन चंद्र पंत, जिन्होंने मासूमों के साथ दरिंदगी करने वाले अपराधियों को फांसी के फंदे तक पहुंचाया है। इंस्पेक्टर पंत ने एक दर्जन से ज्यादा ब्लाइंड मर्डर केस का भी खुलासा किया है, जिसके बाद लोगों का पुलिस पर विश्वास बढ़ा है। अपराधियों की धरपकड़ और मामलों की सही जांच के लिए उन्हें दो बार राज्यपाल पुरस्कार मिल चुका है। विपिन चंद्र उत्तराखंड में इकलौते विवेचक हैं, जिनकी चार्जशीट के आधार पर अदालत ने मासूमों के साथ दरिंदगी और उनकी हत्या के दो जघन्य मामलों में अपराधियों को फांसी की सजा सुनाई।
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विपिन चंद्र पंत ने साल 2012 में लालकुआं के संजना केस की जांच कर आरोपी को पकड़ा था। बिंदुखत्ता की रहने वाली संजना 10 जुलाई 2012 की रात बिस्तर से अचानक गायब हो गई थी, बाद में उसकी लाश खेत से बरामद हुई। उच्चाधिकारियों से मिले निर्देश के बाद इंस्पेक्टर पंत ने मामले की जांच की और आरोपी दीपक आर्या को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कोर्ट ने दुष्कर्म और हत्या के मामले में फांसी की सजा सुनाई। इंस्पेक्टर पंत ने साल 2014 में काठगोदाम में 6 साल की बच्ची के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में आरोपियों को पकड़ने के साथ ही उन्हें फांसी के फंदे तक पहुंचाया। 1990 से पुलिस में सेवाएं दे रहे पंत गाजियाबाद, नोएडा, पिथौरागढ़, देहरादून, लोहाघाट, चमोली में सेवाएं दे चुके हैं। ऐसे जांबाज पुलिस अफसरों को सलाम, जिनकी बदौलत लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा बढ़ा है।