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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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: सिद्धार्थ नेगी..ये नाम ना तो देश कभी भूल सकेगा और ना ही उत्तराखंड। वीरता और साहस का जो सबूत पायलट सिद्धार्थ नेगी दे गए, उसे भुलाना नामुमकिन है। आपको बता दें कि बेंगलुरू में इंडियन एयरफोर्स का ट्रेनी लड़ाकू विमान मिराज 2000 क्रैश हो गया। इस हादसे में 2 पायलटों की मौत हुई है। इसमें से एक पायलट सिद्धार्थ नेगी देहरादून के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि अपने जन्मदिन के दिन ही सिद्धार्थ इस दुनिया से चले गए। पायलट सिद्धार्थ नेगी की पत्नी भी वायुसेना में हैं और देश की सेवा कर रही है। सिद्धार्थ नेगी का पूरा परिवार देहरादून के पंडितवाड़ी में रहता है। अब तक मिली जानकारी कहती है कि सिद्धार्थ ने 12वीं तक की पढ़ाई गढ़ी कैंट के Seven Oaks स्कूल से की थी। पिता बलवीर सिंह नेगी CBCID से रिटायर होकर फिलहाल देहरादून की एक यूनिवर्सिटी में प्रशासनिक अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।