केदारनाथ मंदिर बर्फ से आधा ढका है। फिर से काम जारी है। हम आपको इसका एक वीडियो भी दिखा रहे हैं।
-
कोमल
-
Advertisement
Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination
Couples are choosing the sacred land of Lord Shiva’s wedding to begin their own love stories.
Example Ads Media
Image: SNOWFALL IN KEDARTNATH
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में लगातार बर्फबारी हो रही है। बर्फबारी की वजह से केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्य बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। केदारनाथ मंदिर बर्फ से आधा ढक चुका है, जिससे पुनर्निर्माण कार्य में रुकावट आ रही है। हिमपात की वजह से केदारनाथ धाम और उसके आस-पास के इलाकों में ठंड बढ़ गई है। पेयजल स्त्रोत ठंड की वजह से जम गए हैं, लोग पीने के पानी तक के लिए तरस रहे हैं। केदारनाथ में दिनभर बादल छाए रहे, हालांकि इस बीच धाम में बर्फ हटाने का काम शुरू हो चुका है। कार्यदायी संस्थाएं अपने काम में लगी हुई हैं। यहां हम आपको तस्वीरें दिखा रहे हैं, जिनमें आप देख सकते हैं कि केदारनाथ में किस तरह बर्फ हटाने का काम चल रहा है। बर्फबारी की वजह से यहां तापमान में गिरावट आई है, लेकिन ठंड के बावजूद श्रमिक केदारनाथ धाम में बर्फ हटाने के काम में जुटे हुए हैं।
यह भी पढें - पहाड़ों में कहीं घोर अंधेरा, कहीं बादल फटने का डर...5 जिलों में रेड अलर्ट!
राहत वाली बात ये है कि ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर हाईवे को गाड़ियों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। ये हाईवे पिछले दो हफ्ते से बंद था। हाईवे खुलने के बाद चोपता में फंसी गाड़ियों को बाहर निकाला जा रहा है। आदिगुरू शंकराचार्य के समाधिस्थल के पुनर्निर्माण का जिम्मा कार्यदायी संस्था वुड स्टोन कंपनी के पास है। कंपनी के कर्मचारी समाधिस्थल के आस-पास से बर्फ हटाने के काम में जुटे हैं। निर्माण सामग्री के स्टोरों के साथ ही दूसरी जगहों पर जमी बर्फ भी हटाई जा रही है। बर्फ हटाने के लिए चल रहे काम के बावजूद अब भी केदारनाथ धाम में 7 फीट से ज्यादा बर्फ जमी है। अधिकारियों ने बताया कि पूरी तरह बर्फ हटाने में अभी कम से कम दो दिन और लगेंगे। बर्फ हटाने के बाद ही केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण काम शुरू हो पाएंगे।
यह भी पढें - उत्तराखंड: कल भारी बर्फबारी की चेतावनी, 5 जिलों के लोग सावधान..रुद्रप्रयाग में कल छुट्टी
हम आपको एक वीडियो भी दिखा रहे हैं। तस्वीरों को जोड़कर ये वीडियो तैयार किया गया है, जिससे आपको अंदाजा हो सके कि इस कड़कड़ाती ठंड में भी निम के कर्मचारियों का हौसला सातवें आसमान पर है। देखिए।