उत्तराखंड की सबसे लंबी सुरंग, आपस में जुड़ेंगे गौरीकुंड और बदरीनाथ हाईवे

रुद्रप्रयाग के लोगों का सालों का इंतजार जल्द खत्म होगा। बदरीनाथ हाईवे को सुरंग के जरिए गौरीकुंड से जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है।
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उत्तराखंड: Longest tunnel in rudraprayag
Image: Longest tunnel in rudraprayag

: सालों का इंतजार खत्म होने जा रहा है। बदरीनाथ हाईवे जल्द ही गौरीकुंड से जुड़ जाएगा। गौरीकुंड और बदरीनाथ हाईवे को जोड़ने वाली बाईपास योजना के काम का दूसरा चरण जल्द शुरू होगा। इसके तहत यहां 920 मीटर लंबी सुरंग बनाई जाएगी। ये उत्तराखंड की सबसे लंबी सड़क सुरंग होगी, जिसका काम जल्द शुरू होगा। केंद्र की तरफ से 920 मीटर लंबी सुरंग के निर्माण के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। रुद्रप्रयाग में जवाड़ी बाईपास पुल के पास ये सुरंग बनेगी जो दूसरे छोर पर रुद्रप्रयाग-चोपता-पोखरी मोटर मार्ग पर बेलणी आबादी क्षेत्र के पास निकलेगी। यहां अलकनंदा नदी पर पुल भी बनाया जिससे ये सुरंग बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ जाएगी। सुरंग बनने से इलाके की आबादी को किसी तरह का खतरा नहीं होगा, बल्कि इससे मुख्य बाजार में लगने वाले जाम की समस्या से निजात मिलेगी।

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बता दें कि बीआरओ-66 आरसीसी गौचर ने रुद्रप्रयाग में बदरीनाथ और केदारनाथ हाईवे को रुद्रप्रयाग में आबादी क्षेत्र से बाहर जोड़ने के लिए वर्ष 2008-09 में 900 मीटर सुरंग का प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा था। सुरंग बनाने के लिए बीआरओ को वन भूमि स्थानांतरण करने के साथ ही योजना की डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। भूगर्भीय सर्वेक्षण समेत दूसरी औपचारिकताएं भी पूरी कर ली गई हैं। प्रशासन की तरफ से हाईवे के दूसरे चरण का काम जल्द शुरू कराने की कवायद जारी है। रुद्रप्रयाग में आए दिन लगने वाले जाम से जूझ रहे लोगों को जाम से जल्द ही निजात मिलने वाली है। चारधाम विकास परियोजना के तहत बन रही सुरंग का फायदा चारधामयात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी होगा। सुरंग बनने से रुद्रप्रयाग को जाम की समस्या से निजात मिलेगी। ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार होगा।

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रुद्रप्रयाग के लोग पिछले 15 साल से सुरंग के निर्माण की राह देख रहे हैं। बता दें कि लोगों की मांग पर साल 2004-05 में गौरीकुंड-बदरीनाथ हाईवे बाइपास योजना को स्वीकृति मिली थी। योजना के पहले चरण का काम पूरा हो गया है। पहले चरण में दो पुल बनाए गए जिनके जरिए बदरीनाथ हाईवे को गुलाबराय से जवाड़ी होते हुए लोनिवि कॉलोनी के पास गौरीकुंड हाईवे से जोड़ा गया। इसके लिए बीआरओ ने चार किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया। योजना के लिए केंद्र की तरफ से 53 करोड़ का बजट मिला है। अब इस योजना के दूसरे हिस्से का काम शुरू होगा। सुरंग बनने से चारधाम यात्रा के दौरान रुद्रप्रयाग शहर में लगने वाले जाम से निजात मिलेगी, साथ ही यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी। सुरक्षित यात्रा से उत्तरांड में पर्यटन को खूब बढ़ावा मिलेगा।