भोगपुर की चिल्ड्रन होम एकेडमी में धर्मांतरण संबंधी गतिविधियां संचालित होने के सबूत मिले हैं, एकेडमी में निठारी कांड जैसी साजिश का भी खुलासा हो सकता है।
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कोमल नेगी
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: निठारी कांड तो याद होगा आपको? साल 2006. नोएडा का निठारी गांव. कोठी नंबर डी-5। उस कोठी से जब नरकंकाल मिलने शुरू हुए, तो पूरे देश में सनसनी फैल गई। सीबीआई को जांच के दौरान मानव हड्डियों के हिस्से और 40 ऐसे पैकेट मिले थे, जिनमें मानव अंगों को भरकर नाले में फेंक दिया गया था। क्या आप यकीन करेंगे कि देवभूमि में निठारी कांड जैसी साजिश का खुलासा हो सकता है? ऋषिकेश के रानीपुर में मौजूद चिल्ड्रन होम एकेडमी। हाल ही में यहां जो कुछ भी हुआ, उससे तो आप अच्छी तरह से वाकिफ होंगे लेकिन हो सकता है कि इस बार बहुत बड़ा खुलासा हो। ये खुलासा बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह एकेडमी में अवैध रूप से कब्रिस्तान संचालित हो रहा था, उसे देख लगता है कि एकेडमी में निठारी कांड जैसी साजिश का खुलासा हो सकता है। आप जानते होंगे कि हाल ही में यहां वासु हत्याकांड हुआ था। अब ऊषा नेगी का कहना है कि यहां धर्मांतरण के भी सबूत मिले हैं। इसी के आधार पर मामले की दोबारा छानबीन की सिफारिश की जाएगी। अवैध कब्रिस्तान, हॉस्टल और धर्मांतरण जैसे बिंदुओं पर भी जांच कराई जाएगी। रानीपुर भोगपुर के जिस चिल्ड्रन होम एकेडमी में 12 साल के वासु की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी, वहां लंबे समय से धर्मांतरण संबंधी गतिविधियों के संचालन होने के सबूत मिले हैं। पीएमओ ने भी चिल्ड्रन होम एकेडमी में धर्मांतरण की आशंका जताई थी, और साल 2017 में पीएमओ की तरफ से एक लेटर जारी कर इस संबंध में जांच आख्या भी तलब की गई थी।
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बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने बताया कि डीएम देहरादून के निर्देश पर एक जांच टीम बनाई गई थी, जिसे सबूत मिले हैं कि एकेडमी में धर्मांतरण जैसे गतिविधियां संचालित हो रही थीं। अब आयोग इस संबंध में पीएमओ के निर्देश पर हुई जांच की फाइल दोबारा खुलवाने की सिफारिश करेगा। उन्होंने उस अस्पताल को भी जांच के दायरे में लाने की बात कही, जिसने 12 साल के वासु की मौत की वजह फूड प्वाइजनिंग होना बताई थी। आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि एकेडमी में अवैध रूप से संचालित हो रहे कब्रिस्तान की भी छानबीन की जाएगी, उन्होंने आशंका जाहिर की कि एकेडमी में निठारी कांड जैसी साजिश का खुलासा हो सकता है। उन्होंने स्कूल को लोकल इंटेलिजेंस और स्थानीय पुलिस की तरफ से दी गई क्लीन चिट पर भी नाराजगी जताई है। आइए आगे आपको बताते हैं कि उन्होंने क्या क्या सवाल किए हैं।
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उन्होंने पूछा कि ऐसा किस आधार पर किया गया, इसका भी जवाब मांगा जाएगा। आपको बता दें कि बीती 10 मार्च को एकेडमी में 12 साल के वासु नाम के छात्र को बेरहमी से पीटा गया था, जिस वजह से उसकी मौत हो गई थी। बाल संरक्षण आयोग ने लिया और मामले की जांच की सिफारिश की, जांच की रिपोर्ट डीएम देहरादून को सौंपी गई है। आयोग अध्यक्ष के मुताबिक डीएम देहरादून के निर्देश पर गठित की गई जांच समिति ने एकेडमी में धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित होना पाया है। चिल्ड्रन होम एकेडमी वासु हत्याकांड के बाद सुर्खियों में आया है, लेकिन यहां पर बच्चों से जुड़े अपराध लंबे वक्त से हो रहे थे, उम्मीद है जल्द ही सच सबके सामने आ जाएगा और अपराधियों के चेहरे बेनकाब होंगे। देखना होगा कि आगे क्या क्या होता है।