देवभूमि की लेडी सिंघम निवेदिता कुकरेती, दो साल में कई शातिर अपराधी निपटा डाले, क्रिमनल्स के लिए खौफ का दूसरा नाम है एसएसपी निवेदिता..उन्होंने एक शानदार रिकॉर्ड भी तैयार किया है।
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कोमल नेगी
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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
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Image: dehradun ssp nivedita kukreti
: वो निडर हैं...और साहसी भी...चुनौती कोई भी हो पीड़ित को इंसाफ दिलाना और अपराधियों पर शिकंजा कसना ही उनकी जिंदगी का पहला उद्देश्य है...ये है दून की एसएसपी निवेदिता कुकरेती, जिन्होंने बुधवार को अपने दो साल का कार्यकाल पूरा कर लिया...एसएसपी निवेदिता कुकरेती का नाम सुनते ही अपराधी खौफ खाने लगते हैं, उनके कार्यकाल में अपराध तो खूब हुए, लेकिन पुलिस की टीम अपराधियों पर हमेशा भारी रही। दो साल का कार्यकाल पूरा करने के साथ ही पहाड़ की ये बेटी देहरादून की पहली ऐसी पुलिस कप्तान बन गई है, जिन्होंने दो साल का कार्यकाल पूरा करने में सफलता हासिल की है। दरअसल उनसे पहले देहरादून शहर में कप्तान साढ़े तीन महीने से लेकर 13 महीने से ज्यादा नहीं टिक पाए। वास्तव में ये अपने आप में बड़ा रिकॉर्ड भी है। दो साल के कार्यकाल में एसएसपी निवेदिता कुकरेती के नाम कई कई उपलब्धियां दर्ज हुई हैं। आइए इस बारे में भी जानिए।
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पिछले दो साल में जिले में हत्या की 51 घटनाएं हुएं, इन मामलों का पुलिस टीम ने शत-प्रतिशत खुलासा किया। हत्या में शामिल 74 लोग अब जेल में हैं। इनमें पटेलनगर का चर्चित प्राप्ति हत्याकांड भी शामिल है, जिसमें मां ने बेटी की हत्या कर उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। एसएसपी के नेतृत्व में जुलाई 2017 में पुलिस ने एटीएम क्लोनिंग के मामले में हरियाणा की एक महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था, उनसे लाखों रुपये बरामद हुए थे। एसएसपी निवेदिता कुकरेती को एक बड़ी सफलता तब हाथ लगी जब उन्होंने सितंबर 2017 में उत्तरांचल डेंटल कॉलेज लालतप्पड़ डोईवाला के अंदर स्थित गंगोत्री चैरिटेबल हास्पिटल में किडनी निकालने के अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया था, इस मामले में 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
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यही नहीं उनके दो साल के कार्यकाल में 1067 तस्करों को गिरफ्तार कर उनसे करीब 11 करोड़ 37 लाख रुपये के मादक पदार्थ बरामद किए गए। बीते 24 माह में पुलिस के सामने अब सिर्फ सरस्वती विहार में महिला ज्वैलर्स और बसंत विहार में शराब ठेकेदार से हुई लूट के खुलासे की चुनौती बाकी है। एसएसपी निवेदिता कुकरेती को लेडी सिंघम के रूप में पहचान मिली है, वो आज भी अपराध से जुड़े हर मामले को चुनौती के तौर पर लेती हैं। वो अपराधियों के लिए बेहद कड़क हैं, लेकिन अपनी पुलिस टीम के लिए बेहद समर्पित भी हैं। अपनी हर उपलब्धि का श्रेय वो अपनी पुलिस टीम को देती हैं...अपराधियों के लिए खौफ का पर्याय बन चुकी एसएसपी निवेदिता कुकरेती को हमारा सलाम...अपनी काबिलियत से उन्होंने उन तमाम लोगों को आईना दिखा दिया है, जो बेटियों को अक्सर कमतर समझते हैं और मानते हैं कि पुलिस जैसी नौकरी महिलाओं के बस की बात नहीं।