रुद्रप्रयाग में सेल्फी लेते वक्त युवक मंदाकिनी नदी में बह गया, फिलहाल उसका पता नहीं चल पाया है।
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कोमल नेगी
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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: PILIGRIMS DROWND IN MANDAKINI RIVER
रुद्रप्रयाग: सेल्फी लेने का शौक लोगों की जान ले रहा है। हम हर दिन सेल्फी लेते वक्त हुई दुर्घटनाओं के बारे में पढ़ते हैं, लेकिन इनसे सबक नहीं लेते। दिल्ली के प्रदीप पालीवाल ने भी अगर इन घटनाओं से सबक लिया होता तो आज शायद वो जिंदा होता...अपने परिवार, अपने दोस्तों के साथ वक्त बिता रहा होता, पर अफसोस कि ऐसा नहीं हुआ। केदारनाथ यात्रा पर आया प्रदीप पालीवाल सेल्फी लेते वक्त मंदाकिनी नदी में बह गया, उसका फिलहाल पता नहीं चल पाया है। बचाव टीमें प्रदीप की तलाश में जुटी हुई हैं, लेकिन उसके जिंदा होने की उम्मीद बेहद कम है। जानकारी के मुताबिक दिल्ली का रहने वाला प्रदीप पालीवाल अपने दोस्तों के साथ केदारनाथ यात्रा पर आया हुआ था। प्रदीप और उसके दोस्त रुद्रप्रयाग में गौरीकुंड-केदारनाथ स्थित भीमबलि भी गए, इसी दौरान प्रदीप को सेल्फी लेने की सूझी, युवक मंदाकिनी नदी के किनारे सेल्फी ले रहा था।
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प्रदीप की ये आखिरी सेल्फी ही उसके लिए काल साबित हुई, अचानक उसका पैर फिसला और वो गहरी मंदाकिनी नदी में बह गया। मंदाकिनी नदी का बहाव काफी तेज है। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम प्रदीप को खोज रही है, लेकिन उसका पता नहीं चल पाया है। पुलिस की टीम लगातार सर्च अभियान में जुटी हुई है। ये दुर्घटना खबर से ज्यादा एक सबक है, उन लोगों के लिए जो कि सेल्फी के लिए इस कदर जुनूनी होते हैं कि किसी भी हद को पार कर जाते हैं। सेल्फी लेते वक्त बरती गई असावधानी ही जान पर भारी पड़ती है...याद रखिए जान है तो जहान है, जिंदगी रही तो सेल्फी लेने के मौके बहुत मिलेंगे। सेल्फी लेते वक्त खुद भी सावधान रहें, दूसरों को भी सतर्क करें।