देवभूमि का अमृत...कैंसर, एनीमिया, लिवर की बीमारियों का इलाज है मीठा करेला (ककोड़ा)

पहाड़ी सब्जी मीठा करेला आपने कभी ना कभी खाई जरूर होगी, नहीं खाई है तो खाना शुरू कर दें, क्योंकि ये स्वादिष्ट तो है ही पौष्टिकता से भरपूर भी है..
Advertisement Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand

Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.

Example Ads Media
उत्तराखंड: benefits of kakora meetha karela
Image: benefits of kakora meetha karela

: पहाड़ की संस्कृति...यहां के खान-पान की बात ही अलग है। यहां के अनाज तो गुणों का खान हैं ही, सब्जियां भी पौष्टिक तत्वों से भरपूर है। ऐसी ही खास पहाड़ी सब्जी है मीठा करेला, जिसे अलग-अलग जगहों पर अलग नाम से जाना जाता है। कुछ लोग इसे परमला कहते हैं कई जगह ये ककोड़ा के नाम से जानी जाती है। शहरों में इसे राम करेला कहा जाता है। इसे ये नाम इसके गुणों की वजह से मिला है। इसे परमल, गुजकरेला, किंकोड़ा और घुनगड़ी भी कहा जाता है। अगर आप ठेठ पहाड़ी हैं तो मीठा करेला की सब्जी आपने जरूर खाई होगी। ये पहाड़ी सब्जी गुणों की खान हैं, अगर हम आपको इसके गुणों के बारे में बताना शुरू करेंगे तो आप भी इस पहाड़ी सब्जी के मुरीद हो जाएंगे। एक शोध में पता चला है कि इसमें न केवल पर्याप्त मात्रा में आयरन मौजूद है, बल्कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले एंटी ऑक्सीडेंट और खून को साफ करने वाले तत्व भी हैं। आप जानते ही होंगे कि आयरन तत्व न होने से एनीमिया, सिरदर्द या चक्कर आना, हीमोग्लोबिन बनने में परेशानी होना जैसी परेशानियां शरीर को पस्त कर देती हैं। इसके अलावा एंटीऑक्सिडेंट अक्‍सर अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य और बीमारियों को रोकने का काम करते है। कैंसर से बचाने, आंखों की रोशनी के लिए, मजबूत लिवर के लिए एंटी ऑक्सीडेंट शानदार चीज है।

यह भी पढें - सिर्फ बदरीनाथ में मिलती है बदरी तुलसी...डायबिटीज, डायरिया जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज
अगस्त से लेकर नवंबर तक ये सब्जी पहाड़ में बेलों पर खूब उगती है। इससे जुड़ी एक और मजेदार बात आपको बताते हैं दरअसल ये दक्षिण अमेरिकी देशों की सब्जी है। यह दक्षिण अमेरिका में एंडीज वाले इलाकों यानि पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाता है। वहां इसे पेपिनो, अचोचा और काइवा कहा जाता है। गुज्ज करेला पहाड़ी खान-पान का अहम हिस्सा है और इसके गुणों की तो पूछिए ही मत। करेला कड़वा होता है, लेकिन मीठा करेला में जरा भी कड़वापन नहीं होता। ये फाइबर, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट की खान है। इसके पौधे पर बीमारियों का प्रकोप भी नहीं होता यही वजह है कि ये पहाड़ों में खूब पनपता है। अब तो मीठा करेला शहरों में भी मिलने लगा है। पहाड़ों में मिलने वाली इस सब्जी के गुणों पर शोध कार्य किए जा रहे हैं। शहरों में भी इसकी पैदावार होने लगी है। ये गुणों की खान तो है ही साथ ही इसकी सब्जी बेहद स्वादिष्ट होती है...अगस्त से लेकर नवंबर तक ये पहाड़ों में खूब उगता है, तो अगली बार आपको जब भी मौका मिले मीठे करेले की सब्जी जरूर खाएं...ये आपको पहाड़ की...वहां के अपनेपन और दुलार की याद जरूर दिलाएगा।