देहरादून IMA से ट्रेनिंग लेकर अफसर बने थे मेजर केतन..2 आतंकियों को मारकर शहीद हुए

देश का ये वीर सपूत देश के लिए ही कुर्बान हो गया। 27 मई को ही मेजर केतन छुट्टियां बिताकर वापस ड्यूटी पर लौटे थे।
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मेजर केतन शर्मा: MARTYER KETAN SHARMA LIFE STORY
Image: MARTYER KETAN SHARMA LIFE STORY

: सोमवार का दिन...कश्मीर में तैनात मेजर केतन शर्मा को खबर मिली की कुछ आतंकी एक इमारत में छिपे हैं। तुरंत ही मेजर शर्मा अपनी टीम के साथ बिल्डिंग के पास पहुंचे। मौके पर ही दो आतंकियों को ढेर कर दिया गया। इस बीच भारतीय सेना की इस कार्रवाई को देखकर बाकी आतंकी बिल्डिंग के पीछे भाग निकले। मेजर केतन शर्मा ने तो जैसे ठान ली थी कि आतंकियों का सफाया करके ही दम लेंगे। उन्होंने कार्रवाई शुरू कर दी। इस बीच आतंकियों की तरफ से चली एक गोली मेजर केतन के सिर में लगी। देश का ये सपूत धरती पर जा गिरा और शहीद हो गया। जाने से पहले मेजर ने आतंकियों को काफी नुकसान पहुंचा दिया। मेरठ के रहने वाले मेजर केतन शर्मा को देश सलाम कर रहा है। मेजर केतन शर्मा साल 2012 में देहरादून आईएमए से पासआउट हुए थे। उनके परिवार में उनकी 4 साल की बेटी कैरा और पत्‍नी इरा शर्मा हैं।

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खबर है कि 27 मई को ही वो छुट्टियां बिताकर वापस कश्‍मीर गए थे। परिवार गम में डूबा है और बस ये ही कह रहा है कि ‘सरकार पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दे।’ कुछ दिन पहले ही केतन की बेटी का बर्थडे मनाया गया था। उस दौरान सब साथ थे और आज वक्त कुछ और ही है। शहीद मेजर को जानने वाले कहते हैं कि वो जिंदादिल थे। आतंकवाद प्रभावित जम्‍मू-कश्‍मीर में ड्यूटी होने पर भी हमेशा हंसते रहते थे और दूसरों को भी हंसाते थे। नौकरी में तमाम चुनौतियां थीं लेकिन वो खुश रहते थे। योगी सरकार ने शहीद मेजर के परिवार को 25 लाख रुपये की सहायता का ऐलान किया है। साथ ही शहीद के परिवार के एक सदस्य तो मृतक आश्रित के तौर पर सरकारी नौकरी दी जाएगी। खबर है कि जहां सेना ने आतंकियों का एनकाउंटर किया, उस जगह से बड़े पैमाने पर हथियार और गोला-बारूद मिले हैं।