दूसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी के बजट से प्रदेश की जनता को बड़ी उम्मीदें हैं। बजट में उत्तराखंड को लेकर ये ऐलान हो सकते हैं...
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कोमल नेगी
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Image: uttarakhand may get these gifts from modi govt budjet
: प्रचंड बहुमत से जीतकर दोबारा प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी अपने दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करने वाले हैं। उत्तराखंड की जनता ने पीएम पर जिस तरह भरोसा दिखाया और सूबे की पांचों लोकसभा सीटें बीजेपी की झोली में डाल दी, उसी तरह लोगों को उम्मीद है कि अपना पहला बजट पेश करते वक्त पीएम इस पहाड़ी राज्य का भी ख्याल रखेंगे। उत्तराखंड की जनता पीएम के पहले बजट पर टकटकी लगाए हुए है। लोगों का मानना है कि पीएम के पिटारे में उत्तराखंड के लिए काफी कुछ खास होगा। महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के साथ ही टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन के लिए और बजट मिलेगा, ताकि ये पहाड़ी क्षेत्र जल्द ही रेल सेवा से जुड़ जाएं। अकूत वन संपदा उत्तराखंड की धरोहर है। हो सकता है प्रदेश को ग्रीन बोनस देने के ऐलान के साथ ही नमामि गंगा समेत दूसरी योजनाओं के लिए भी केंद्र की तरफ से ज्यादा आर्थिक मदद का प्रावधान कर दिया जाए। लंबे वक्त से उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों को ग्रीन बोनस देने की बात कही जा रही है, क्योंकि हमारी अमूल्य वन संपदा की वजह से ही देश का पर्यावरण सुधर रहा है। पर अभी तो ग्रीन बोनस की बात केवल कागजों में ही रही है, ये धरातल पर कब उतरेंगी ये देखना होगा। आगे जानिए और भी बातें
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कई उम्मीदों और आंदोलनों के बाद कहीं जाकर उत्तराखंड अलग राज्य बना था। राज्य बने 18 साल हो गए, लेकिन पहाड़ी इलाके आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। राज्य के पास सीमित आर्थिक संसाधन हैं, इसीलिए अब राज्य, केंद्र सरकार से बजट की उम्मीद लगाए बैठा है। उम्मीद है पीएम मोदी चारधाम ऑलवेदर रोड के साथ ही सीमांत क्षेत्रों को सड़कों से जोड़ने की परियोजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लेंगे। ऐसा होता है तो उत्तराखंड में संचार सेवाओं में सुधार होगा, कनेक्टिविटी मजबूत होगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और राज्य के कई मंत्री हाल ही में केंद्रीय मंत्रियों से मिले हैं और उन्हें उत्तराखंड की समस्याएं बताई हैं। राज्य में सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए पीएम के पिटारे में जरूर कुछ खास होगा, ऐसा माना जा रहा है। शहरों के विकास के लिए केंद्र की तरफ से आर्थिक मदद मिलेगी। जो योजनाएं केंद्रपोषित हैं, उनके लिए अधिक बजट मिलेगा। राज्य की जनता के साथ ही राज्य सरकार भी केंद्रीय बजट पर नजर बनाए हुए है। उम्मीदें कई हैं, लेकिन ये किस हद तक पूरी होंगी अब ये देखना होगा।