उत्तराखंड में सच में वो रास्ता मौजूद है, जिसे स्वर्ग का रास्ता कहा जाता है। बदरीनाथ धाम के पास मौजूद है स्वर्गारोहिणी। देखिए वीडियो
-
आदिशा
-
Advertisement
Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers
A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.
Example Ads Media
Image: swargarohini track uttarakhand
: इंसान को आध्यात्मिकता से जोड़े रखने के लिए स्वर्ग-नरक की कहानियां सदियों से लिखी जाती रही हैं। स्वर्ग हमेशा से इंसानों की कल्पना का आधार रहा है, लेकिन देवभूमि में एक जगह ऐसी भी है जो इस कल्पना को हकीकत मानने पर मजबूर कर देती है। देवभूमि में बर्फ से ढकी पहाड़ियों पर बनीं हैं वो सीढ़ियां जो कि सीधे स्वर्ग तक जाती हैं। स्वर्गारोहिणी ही वह जगह है जहां पहुंचते-पहुंचते इंसान सांसारिकता से दूर होकर आध्यात्मिकता के करीब पहुंच जाता है। यहां आने वाले को प्रकृति की गोद में जिस सुख का अहसास होता है, वो किसी स्वर्ग से कम नहीं। आपने पढ़ा भी होगा कि कि धर्मराज युधिष्ठिर ने एक श्वान के साथ स्वर्गारोहिणी से वैकुंठ के लिए प्रस्थान किया था। स्वर्गारोहिणी पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को बदरीनाथ धाम से नारायण पर्वत तक 30 किलोमीटर का सफर तय करना होता है। आगे देखिए वीडियो
यह भी पढें - Video: देवभूमि का परीलोक...लोग कहते हैं कि यहां आज भी दिखती हैं परियां..देखिए वीडियो
ये रास्ता ज्यादातर बर्फ से ढका रहता है, जिस वजह से सफर पूरा होने में तीन दिन लग जाते हैं। स्वर्गारोहिणी के बारे में कहा जाता है कि राजपाठ त्यागने के बाद पांडव इसी रास्ते स्वर्ग गए थे। भीम, नकुल, अर्जुन, सहदेव और द्रोपदी स्वर्गारोहिणी पहुंचने से पहले ही मृत्यु को प्राप्त हो गए, लेकिन युधिष्ठर ने पुष्पक विमान से सशरीर स्वर्ग के लिए प्रस्थान किया। स्वर्गारोहिणी की यात्रा बेहद कठिन है, लेकिन यहां का मनोरम सौंदर्य और प्रकृति के खूबसूरत नजारे श्रद्धालुओं का उत्साह बनाए रखते हैं। देखिए वीडियो