Advertisement
Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
Example Ads Media
रुद्रप्रयाग: साल 2013 में आई केदारनाथ आपदा को भला कौन भूल सकता है। केदारनाथ के पास स्थित चोराबाड़ी झील इस आपदा की अहम वजह थी, आपदा के वक्त झील के टूटने से जो सैलाब केदारनाथ में आया, वो हजारों लोगों की जान लेकर ही थमा। हजारों लोगों की जान चली गई, सैकड़ों गांव उजड़ गए। तबाही का वो खौफनाक मंजर अब भी लोगों के जहन में ताजा है। इन दिनों रुद्रप्रयाग जिले में स्थित चोराबाड़ी ताल फिर पानी से लबालब है, ऐसे में ये सवाल उठना लाजिमी है कि क्या केदारघाटी एक बार फिर तबाही के मुहाने पर खड़ी है। ये प्रश्न रह-रहकर लोगों के मन में उठ रहे हैं। पर जवाब क्या है ये भी जान लें। वैज्ञानिकों की मानें तो फिलहाल झील से केदारघाटी को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा। हाल ही में वाडिया संस्थान के वैज्ञानिकों की टीम चोराबाड़ी और उसके आस-पास के ग्लेशियर क्षेत्र का निरीक्षण कर वापस लौटी। वैज्ञानिकों ने बताया कि चोराबाड़ी ताल आपदा के बाद एक बार फिर अपनी पुरानी स्थिति में है।