देवभूमि में महापाप..4 दिन की बच्ची को छोड़कर भागे मां-बाप, सीढ़ियों पर बिलखती मिली

उत्तराखंड में कलयुगी मां-बाप अपनी दुधमुंही बच्ची को छोड़कर चले गए, बच्ची इस वक्त अस्पताल में भर्ती है..पढ़िए पूरी खबर
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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हरिद्वार न्यूज: little girl found in haridwar
Image: little girl found in haridwar

हरिद्वार: ना जाने वो कैसे लोग होते होंगे, जिन्हें नन्हें बच्चे की किलकारियां नहीं भातीं...जो बच्चा मां के कलेजे का टुकड़ा होता है, उसका अंश होता है, उसे भला कोई लावारिस छोड़कर कैसे जा सकता है। पर तीर्थनगरी में ये महापाप हुआ है। हरिद्वार के जिस घाट पर लोग अपने पाप धोने आते हैं, वहां कोई अपनी 4 दिन की बच्ची को रोता-बिलखता छोड़ गया। वो तो शुक्र है कि समय रहते लोगों को नवजात बच्ची मिल गई, और उसे अस्पताल पहुंचा दिया गया, वरना उसके साथ कुछ भी हो सकता था। बच्ची महज 4 दिन की है, जिसको किसी ने हरकी पैड़ी के पुल पर लावारिस छोड़ दिया था। बच्ची को यहां कौन लेकर आया, उसके माता-पिता कौन हैं, इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। पुलिस की तहकीकात जारी है। घटना शुक्रवार सुबह की है। आम दिनों की तरह लोग हरकी पैड़ी के पुल से गुजर रहे थे। तभी लोगों ने पुल की सीढ़ियों पर एक बच्चे के रोने की आवाज सुनी। बच्ची को सीढ़ियों पर लावारिस पड़ा देख लोगों का कलेजा धक रह गया। उन्होंने इस बारे में तुरंत पुलिस को सूचना दी।

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सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो देखा कि नन्हीं बच्ची सीढ़ियों पर पड़ी रो रही थी। उसके आस-पास कोई नहीं था। पुलिसकर्मियों ने आस-पास के इलाकों में उसके माता-पिता की तलाश भी की। पर बच्ची के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई। पुलिस ने बच्ची को अस्पताल में भर्ती करा दिया है। वो स्वस्थ है, डॉक्टर्स उसकी देखभाल कर रहे हैं। बता दें कि हरिद्वार में बच्चों को लावारिस छोड़ने का ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार कलयुगी माता-पिता बच्चों को यहां छोड़ कर लापता हो चुके हैं। वक्त बदल गया है, पर लोग अब भी बच्चियों को बोझ ही समझते हैं, यही वजह है कि उन्हें लावारिस छोड़ते वक्त उनका दिल नहीं पसीजता, उन्हें अपने किए पाप का अहसास नहीं होता। फिलहाल बच्ची डॉक्टरों की देखरेख में है, पुलिस उसके माता-पिता की तलाश कर रही है।