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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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रुद्रप्रयाग: रुद्रप्रयाग के डीएम मंगेश घिल्डियाल अपनी ईमानदार छवि और अलग कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। बात चाहे जनता के हित की हो या फिर भाषा-संस्कृति को बचाने की, वो इसके लिए हमेशा प्रयासरत रहे हैं। हाल ही में उन्होंने ऐलान किया था कि जल्द ही रुद्रप्रयाग के सरकारी स्कूलों में बच्चों को गढ़वाली भाषा पढ़ाई जाएगी। गढ़वाली भाषा से उन्हें कितना लगाव है, इसकी एक तस्वीर हाल ही में देखने को मिली। इन दिनों डीएम मंगेश घिल्डियाल की लिखी एक चिट्ठी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। यूं तो ये आम बधाई पत्र है, पर पत्र की खास बात ये है कि चिट्ठी हिंदी-इंग्लिश में नहीं, बल्कि गढ़वाली में लिखी गई है। भई पहाड़ के लोग गढ़वाली से लगाव-जुड़ाव तो महसूस करते हैं। गढ़वाली बोलते भी हैं, लेकिन हममें से कितने लोग हैं जो कि गढ़वाली लिखते हैं। ऐसे में जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने जो किया है वो वाकई काबिले तारीफ है। चिट्ठी में लिखा है कि ‘आज मिथै राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोट तल्ला नागपुर मां आणकु मौका मिली। मि अपथें भाग्यशाली समझुणु छौं कि ये विद्यालय मां जो भी काम हूणां छन ऊंथै देखण कू और समझणा कु मिथैं मौका मिली। ये विद्यालय का बच्चों का अंदर पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, प्रकृति प्रेम का जू भी संस्कार विकसित हूणां छिन, वो ऊंकु भविष्य खण एक सौगात च। मिथैं पूरू विश्वास च कि ये स्वस्थ वातावरण मां यूं सब बच्चूं कू मानसिक विकास उच्च स्तर कू ह्वालु। मीं यख का अध्यापक श्री भण्डारी जी थैं कोटि कोटि साधुवाद देंदु।’