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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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: उत्तराखंड के स्यालदे ब्लॉक के सदे गांव के लड़के का हुनर अब इंटरनेशनल मंच पर दिखेगा। ये बात सच है कि उत्तराखंड के युवाओं में हुनर की कोई कमी नहीं है। आज हर मंच का दरबार उत्तराखंड के युवाओं के लिए खुला है। पढ़ाई के साथ साथ खेल, संगीत, फिल्म और ना जाने कितने क्षेत्रों में पहाड़ के युवा परचम लहरा रहे हैं। इन्हीं में से एक लड़का है शाश्वत रावत। उत्तराखंड के अल्मोड़ा के स्याल्दे ब्लाक के सदे गांव का लड़का। ये बात तो आपको पता ही होगी कि शाश्वत का चयन एशिया कप के लिए अंडर-19 टीम में हुआ है। पूरे जिले में खुशी की लहर है और होनी भी चाहिए। शाश्वत के पिता गोपाल सिंह रावत राजकीय प्राथमिक विद्यालय पत्थरखोला में शिक्षक हैं। खास बात ये है कि शाश्वत की माताजी भी शिक्षक हैं। शाश्वत की मां डॉ. नर्मदा रावत पृथ्वी राज डिग्री कॉलेज बाहदराबाद हरिद्वार में हिंदी की प्रोफेसर हैं। हरिद्वार से ही शाश्वत के क्रिकेट के सपनों को पंख लगे थे। आगे पढ़िए