वास्तव में उत्तराखंड का किलमोड़ा अमृत से कम नहीं है। ये वीडियो देखिए और किलमोड़ा के बेमिसाल फायदे भी जानिए। सिर्फ हेल्थ ही नहीं बल्कि रोजगार का भी ये जबरदस्त जरिया है।
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आदिशा
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Image: KILMORA OD UTTARAKHAND HEATH BENEFITS
: ये साफ हो गया है कि उत्तराखंड के पहाड़ों में उगने वाले किलमोड़े से अब एंटी डायबिटिक दवाएं तैयार होंगी। दरअसल कुमाऊं यूनिवर्सिटी के बॉयोटेक्नोलॉजी विभाग ने इस दवा का सफल प्रयोग किया था। इसके बाद अमेरिका के इंटरनेशनल पेटेंट सेंटर से इसका पेटेंट भी हासिल कर लिया गया है। इस पौधे में एंटी डायबिटिक, एंटी इंफ्लेमेटरी, एंटी ट्यूमर, एंटी वायरल और एंटी बैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं। डाय बिटीज के इलाज में इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा खास बात ये है कि किलमोड़ा के फल और पत्तियां एंटी ऑक्सिडेंट कही जाती हैं। एंटी ऑक्सीडेंट यानी कैंसर की मारक दवा। किलमोडा के फलों के रस और पत्तियों के रस का इस्तेमाल कैंसर की दवाएं तैयार करने के लिए किया जा सकता है। हालांकि वैज्ञानिकों और पर्यवरण प्रेमियों ने इसके खत्म होते अस्तित्व को लेकर चिंता जताई है। किलमोड़े के तेल से जो दवाएं तैयार हो रही हैं, उनका इस्तेमाल शुगर, बीपी, वजन कम करने, अवसाद, दिल की बीमारियों की रोक-थाम करने में किया जा रहा है। आगे देखिए वीडियो
सदियों से उपेक्षा का शिकार हो रहा ये पौधा बड़े कमाल का है। इसलिए लोगों को इसकी उत्पादकता को बढ़ाए रखने पर विचार करना चाहिए।