आईटीबीपी की भर्ती में आया सूरज अचानक लापता हो गया था, 18 अगस्त को उसकी सड़ी-गली लाश मिली थी...पढ़ें पूरी खबर
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कोमल
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Image: Three itbp Soldiers Arrested In Student Case In Halduchaur Haldwani
नैनीताल: आईटीबीपी के लिए हर देशवासी के दिल में सम्मान है। सेना के इन्हीं लोगों की वजह से हम खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं, लेकिन हल्द्वानी के लालकुआं में तीन आईटीबीपी जवानों ने जो किया, वो सुनकर आपको अफसोस भी होगा, साथ ही गुस्सा भी आएगा। इन तीन जवानों पर सूरज सक्सेना नाम के लड़के की हत्या का आरोप लगा है। सूरज सक्सेना हत्याकांड मामले में पुलिस ने आईटीबीपी के तीन जवानों को पकड़ा है। फिलहाल आरोपियों के नाम का खुलासा नहीं किया गया है। पूरा मामला भी जान लें। घटना है 16 अगस्त की, आईटीबीपी की हल्दूचौड़ स्थित 34वीं वाहिनी में भर्ती चल रही थी। नानकमत्ता का रहने वाला सूरज सक्सेना भी अपने साथियों संग हल्दूचौड़ आया हुआ था। सोचा भर्ती में हिस्सा लेकर नौकरी पा जाएगा, पर यहां कुछ ऐसा हो गया कि सूरज को नौकरी तो नहीं मिली, पर जिंदगी भी चली गई। पता चला है कि दौड़ क्वालिफाई करने के बाद सूरज का आईटीबीपी के जवानों संग झगड़ा हो गया था। आरोप है कि गुस्साए जवानों ने सूरज को लाठी-डंडों से पीटा। इसके बाद सूरज अचानक लापता हो गया। सूरज के परिजन उसे ढूंढते हुए हल्दूचौड़ आए तो आईटीबीपी वालों ने कहा कि सूरज मैदान से भाग गया था।
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18 अगस्त को सूरज की सड़ी-गली लाश मिली, जो कि आईटीबीपी के पुराने परिसर में मंदिर के पास पड़ी थी। लाश में कीड़े पड़ गए थे। जिसके बाद ग्रामीण भड़क गए, सूरज के पिता ने उसी रात आईटीबीपी के 5-6 जवानों के खिलाफ केस दर्ज करा दिया। उन पर हत्या कर सबूत छिपाने का आरोप लगाया। 24 अगस्त को गुस्साए परिजन आईटीबीपी गेट के पास धरने पर बैठ गए। परिजनों के दबाव के बाद पुलिस ने तीन जवानों को गिरफ्तार कर लिया है। सूरज के दोस्तों की शिनाख्त पर पुलिस ने हरियाणा के रहने वाले जवान सुरेंद्र कुमार, राजस्थान के रहने वाले संतोष यादव और उत्तर प्रदेश के रहने वाले चंद्रेश्वर को हत्या व सबूत छिपाने के आरोप में पकड़ा है। आरोपियों में से दो कांस्टेबल हैं, एक हेड कांस्टेबल है। नैनीताल कोर्ट में पेश करने के बात तीनों को जेल भेज दिया गया। मामला सेना से जुड़ा है इसलिए पुलिस अधिकारी इस मामले में खुलकर बोलने से बच रहे हैं। मामले की जांच जारी है।