आतंकियों की स्टील बुलेट अब हमारे जवानों का सीना छलनी नहीं कर पाएंगी, जल्द ही जवानों को सुपर बुलेट प्रूफ जैकेट्स दी जाएगी...
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कोमल नेगी
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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: Indian government contracts world class bullet proof jackets for army
: सिर पर कफन बांधकर चलना क्या होता है, ये जम्मू-कश्मीर में तैनात जवानों से पूछिए। हम इस कहावत को केवल सुनते हैं, पर जम्मू-कश्मीर में सेना के जवान इस कहावत को हर दिन जीते हैं। कब-कहां, किस कोने से सन्नाटे को चीरते हुए गोली चल जाए, कुछ पता नहीं होता। सीमा पर होने वाली गोलाबारी में हम अब तक अपने कई जवानों को खो चुके हैं, पर उम्मीद है आने वाले वक्त में ऐसा नहीं होगा। क्योंकि मोदी सरकार ने जवानों की सुरक्षा के लिए कमर कस ली है। केंद्र सरकार ने कश्मीर में तैनात हर जवान को सुपर बुलेट प्रूफ जैकेट देने का फैसला किया है। पीएम मोदी की तरफ से सेना को ये सबसे यादगार और शानदार तोहफा होगा। सुपर बुलेट प्रूफ जैकेट होगी, तो हमारे कई जवानों की जान बचेगी। माताओं की कोख सूनी नहीं होगी, पत्नी को अपना सुहाग नहीं खोना पड़ेगा। आतंकियों से लोहा लेने वाले सीआरपीएफ जवानों को अत्याधुनिक बुलेट प्रूफ जैकेट दी जाएगी। इस फैसले के पीछे एक बड़ी वजह है, वो वजह भी जान लीजिए।
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आपको याद होगा बीती 12 जून को अनंतनाग में सुरक्षाबलों के नाके पर आतंकियों ने हमला कर दिया था। इस हमले में सीआरपीएफ के 5 जवान और राज्य पुलिस के इंस्पेक्टर अरशद खान शहीद हो गए थे। दरअसल इस हमले के दौरान आतंकियों ने चीन में बनी स्टील की गोलियों का इस्तेमाल किया था। जिसके आगे बुलेट प्रूफ वाहन भी बेकार साबित हुए। स्टील की ये गोलियां बुलेट प्रूफ जैकेट पर भारी पड़ रही हैं, यही वजह है कि जवानों को अब सुपर बुलेट प्रूफ जैकेट दी जाएंगी। इस जैकेट पर स्टील बुलेट जैसी घातक गोलियों और हथियारों का असर नहीं होगा। जवानों की जान बचेगी, सुरक्षा कवच मजबूत होगा। मजबूत बुलेट प्रूफ जैकेट की खरीद का एक चरण पूरा हो गया है। पहली खेप अगले कुछ दिनों में कश्मीर पहुंच जाएगी। स्टील बुलेट झेलने में समर्थ बुलेट प्रूफ जैकेट बनाने के लिए भारतीय कंपनी एसएमपीपी से 639 करोड़ का करार हुआ है। आगे जानिए
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कंपनी ने पहली खेप रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय को सौंप दी है। कंपनी से एक लाख 86 हजार बुलेट प्रूफ जैकेट बनाने को कहा गया है। इसी साल मार्च में 10 हजार जैकेट आ गई हैं। अक्टूबर तक 37 हजार बुलेट प्रूफ जैकेट्स आएंगी। अप्रैल तक 1 लाख 86 हजार बुलेट प्रूफ जैकेट्स की डिलीवरी हो जाएगी। बता दें कि कश्मीर में आतंकियों ने चीन में बनी स्टील बुलेट को अपना नया हथियार बना लिया है। कश्मीर में इसके इस्तेमाल की पहली घटना साल 2017 में सामने आई। उस वक्त लितपोरा में सीआरपीएफ कैंप पर हमला करते वक्त आतंकियों ने इन्हीं स्टील बुलेट का इस्तेमाल किया था। इन गोलियों ने असिस्टेंट कमांडेंट की बुलेट प्रूफ जिप्सी को भेदकर एक सीआरपीएफ जवान की जान ले ली थी। उम्मीद है आगे ऐसा नहीं होगा। सुपर बुलेट प्रूफ जैकेट से जवानों की जान बचेगी। सुरक्षा तंत्र मजबूत होगा।