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बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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पिथौरागढ़: देश सेवा का मौका किस्मत से मिलता है। उत्तराखंड के नौजवान खुशकिस्मत हैं क्योंकि यहां आज भी गौरवशाली सैन्य परंपरा निभाई जाती है। देवभूमि के बेटे ही नहीं, बेटियां भी देश की सेवा में अपना अहम योगदान दे रही हैं। ऐसी ही होनहार बेटी हैं मनीषा बोहरा। मनीषा बोहरा ने सेना में अफसर बन कर उत्तराखंड को गौरवान्वित किया है। मनीषा चंपावत की रहने वाली हैं। उनका परिवार लोहाघाट विकासखंड के खूना बोरा गांव में रहता है। पहाड़ की ये बेटी अब सेना में बतौर अफसर अपना सेवाएं देगी। देश के दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देगी। मनीषा के गांव में खुशी का माहौल है, और ऐसा हो भी क्यों ना, पहाड़ की बेटी सेना में अफसर जो बन गई है। छोटे पहाड़ी गांव से ओटीए चेन्नई तक का सफर मनीषा के लिए आसान ना था, पर अपने हौसले और मेहनत के दम पर उन्होंने इसे आसान बना दिया। वो खूना बोरा गांव की पहली महिला सैन्य अधिकारी होने का गौरव हासिल कर चुकी हैं।