अब्दुल शकूर हत्याकांड के आरोपी मुनीफ के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी हो गया है, जल्द ही दूसरे आरोपियों के खिलाफ भी एक्शन लिया जाएगा...
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Komal
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Image: Look out circular issued against wanted munif in shakur murder case
देहरादून: करोड़ों की क्रिप्टो करेंसी के लिए मारे गए अब्दुल शकूर की हत्या में शामिल आरोपियों की धरपकड़ की कोशिशें तेज हो गई हैं। देहरादून में मारा गया अब्दुल केरल का रहने वाला था। इसीलिए उत्तराखंड पुलिस जांच में केरल पुलिस की भी मदद ले रही है। अब्दुल शकूर की हत्या में वांटेड मुनीफ के खिलाफ इमीग्रेशन डिपार्टमेंट ने लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि हत्या का आरोपी मुनीफ देश छोड़कर भाग ना सके। अब्दुल शकूर की हत्या के पांच आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं, लेकिन पांच आरोपी अब भी फरार हैं। फरार आरोपियों में मुनीफ, रिहाब, अरशद, आशिक और यासीन शामिल हैं। शकूर का कारोबार क्योंकि थाईलैंड तक फैला था, इसीलिए पुलिस ने आरोपियों के विदेश भाग जाने की आशंका जताई है। मुनीफ के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस ने एक हफ्ते पहले इमीग्रेशन डिपार्टमेंट को रिपोर्ट भेजी थी। जिस पर एक्शन लेते हुए इमीग्रेशन डिपार्टमेंट ने मुनीफ के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर दिया।
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एसएसपी अरुण मोहन जोशी की तरफ से भेजे पत्र में पांचों वांटेड आरोपियों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी करने की बात लिखी थी, जिनमें से फिलहाल सिर्फ मुनीफ के खिलाफ ही लुकआट नोटिस जारी हुआ है। मुनीफ रिहाब और अरशद वारदात को अंजाम देने के बाद से फरार हैं। उत्तराखंड पुलिस के पास मुनीफ के पासपोर्ट की डिटेल है, दूसरे आरोपियों के पासपोर्ट का ब्यौरा भी जुटाया जा रहा है। आपको बता दें कि क्रिप्टो करेंसी का व्यापार करने वाले अब्दुल शकूर को उसके दोस्त 12 अगस्त को केरल से देहरादून लेकर आए थे। अब्दुल क्रिप्टो करेंसी में निवेश कराता था। 485 करोड़ की क्रिप्टो करेंसी का पासवर्ड हासिल करने के लिए दोस्तों ने उसे बुरी तरह यातनाएं दीं। 29 अगस्त को जब शकूर मर गया तो दोस्त उसकी लाश मैक्स अस्पताल में छोड़कर भाग गए। 24 साल की उम्र में ही शकूर बड़ा साइबर बिजनेसमैन बन गया था। उसका कारोबार विदेशों तक फैला था। वारदात में शामिल फारिस ममनून, अरविंद सी, आसिफ, आफताब मोहम्मद और सुफेल मुख्तार पुलिस की गिरफ्त में हैं। सभी आरोपी केरल के रहने वाले हैं।