बनबसा में सेना भर्ती के दौरान युवाओं को कीचड़ से भरे रेसिंग ट्रैक पर दौड़ना पड़ा, जिस वजह से कई अभ्यर्थी चोटिल भी हुए...
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कोमल नेगी
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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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Image: Army recruitment or joke, candidates falling in mud, asking questions
देहरादून: उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं वीर भूमि भी है। सेना का हिस्सा बनने के लिए यहां के युवा सालों-साल कड़ी मेहनत करते हैं, पर जब इनकी मेहनत कीचड़ में बहती है तो बहुत बुरा लगता है। चंपावत के बनबसा में हो रही सेना भर्ती में आए पहाड़ के हजारों युवाओं के साथ भी यही हुआ है। बनबसा में कुमाऊं के 6 जिलों के युवाओं के लिए आर्मी भर्ती हो रही है, लेकिन भर्ती के लिए युवाओं को जिस तरह कीचड़ भरे मैदान में दौड़ना पड़ रहा है, उसे देख आपको भी बुरा जरूर लगेगा। आर्मी ने अभ्यर्थियों की दौड़ के लिए जो मैदान तैयार किया है, वो आप तस्वीरों में खुद ही देख लीजिए। कई वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं, जिनमें अभ्यर्थी अपना दर्द बताते नजर आए। युवकों ने भर्ती से पहले रेसिंग ट्रैक के वीडियो बनाए थे। जिनमें साफ दिख रहा है कि रेसिंग ट्रैक पर पानी और कीचड़ भरा है।
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अभ्यर्थी जब ट्रैक पर दौड़ते हैं तो उनके पैर कीचड़ में धंस जाते हैं। नंगे पैर दौड़ रहे अभ्यर्थी एक के बाद एक गिरते नजर आए। कुमाऊं में 21 सितंबर से 25 सितंबर तक चली भर्ती में दौड़ के दौरान दो अभ्यर्थियों के पैर फ्रैक्चर हो चुके हैं। सेना भर्ती के दौरान 15 हजार 787 अभ्यर्थियों ने दौड़ में हिस्सा लिया था, पर केवल 2158 अभ्यर्थी ही दौड़ पूरी कर सके। जिस प्रदेश में औसतन हर परिवार का एक सदस्य सेना में हो, उस प्रदेश के युवा भर्ती के दौरान कम से कम अच्छा रेसिंग ट्रैक तो डिजर्व करते ही हैं। कीचड़ भरे ट्रैक पर दौड़ने वाले बेरोजगार युवा बेहद निराश हैं और खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।