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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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: रामपुर तिराहा कांड की 25वीं बरसी...अलग उत्तराखंड राज्य की मांग और आंदोलनकारियों का पुलिसिया दमन। आज भी उन सवालों के भी जवाब तलाशे जा रहे हैं, जो राज्य आंदोलनकारियों की निगाहों में कहीं छुर से गए हैं। 1 अक्टूबर 1994 की रात...मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहे पर उत्तराखंड राज्य चाहने वाले आंदोलनकारियों पर खाकी ने जो कहर बरपा था, वो जख्म शायद ही कभी भर पाएंगे। आखिर कौन वो पल भूल सकता है जब दिल्ली जा रहे आंदोलनकारियों को पुलिस ने चुन-चुन कर निशाना बनाया था। पुलिस की तरफ से दावा किया गया था कि 24 राउंड फायरिंग की गई। सात की मौत हुई थी और 17 आंदोलनकारी जख्मी हो गए थे। दौड़ा-दौड़ा कर लोगों को पीटा गया और 200 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया था। 1994 में देर रात को रामपुर तिराहा में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के साथ जो घिनौना काम किया गया, उसकी सजा दोषियों को आज तक क्यों नहीं मिली? ये ही सवाल लोगों के दिलों में आज भी काबिज है।