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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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: बाबा केदार के दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जरूरी खबर है। केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि घोषित हो गई है। दिवाली के बाद केदारनाथ धाम के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। 29 अक्टूबर को भैयादूज के दिन भगवान आशुतोष के ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम के कपाट विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। प्राचीन परंपरा के अनुसार कपाट बंद होने का समय विजयदशमी के दिन तय किया जाता है। पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में ये परंपरा इस साल भी निभाई जाएगी। विजयदशमी के दिन केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने का समय तय होगा। ये जानकारी श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने दी। उन्होंने बताया कि विजयदशमी के दिन पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में समारोह आयोजित होगा। समारोह में पंचांग गणना के अनुसार केदारनाथ धाम के कपाट बंद करने का समय तय किया जाएगा।