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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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: उत्तराखंड के क्रिकेटर्स बेहतरी की उम्मीद जगाते हैं। क्रिकेट टूर्नामेंट्स में उत्तराखंड के क्रिकेटर्स का शानदार प्रदर्शन जारी है। विजय हजारे ट्रॉफी में सोमवार को उत्तराखंड और अरुणाचल की टीम के बीच मुकाबला हुआ। उत्तराखंड ने अरुणाचल को 8 विकेट से हराकर बड़ी जीत हासिल की। जीत का सेहरा उत्तराखंड की सलामी जोड़ी उन्मुक्त चंद और करनवीर कौशल के सिर बंधा। इस जोड़ी ने दर्शकों को 2002 की भारतीय टीम की सलामी जोड़ी सौरभ गांगुली और वीरेंद्र सहवाग की याद दिला दी। दोनों ही सलामी बल्लेबाजों ने पहली ही गेंद से रन बनाने शुरू कर दिए। दोनों रन बनाने के मामले में एक दूसरे से आगे निकलने की कोशिश करते नजर आए। दोनों क्रिकेटर्स की इन कोशिशों ने क्रिकेटप्रेमियों का दिल जीत लिया। मैदान पर छक्कों-चौक्कों की बरसात होने लगी। दर्शकों ने खेल का खूब लुत्फ उठाया। तनुष एकेडमी में हुए मैच को देख रहे हर दर्शक को भारतीय टीम की सलामी जोड़ी सौरभ गांगुली और वीरेंद्र सहवाग की याद आ गई। साल 2002 में सौरभ गांगुली और वीरेंद्र सहवाग के बीच भी रनों के लिए ऐसी ही होड़ देखने को मिली थी। देहरादून में हुए मैच के दौरान एक ओवर में जब करनवीर रन बनाते थे तो अगले ही ओवर में उन्मुक्त भी तेज पारी खेल कर उनकी बराबरी कर लेते थे। कई बार तो ऐसा भी हुआ कि दोनों खिलाड़ियों ने बराबर गेंदों में बराबर रन बनाए। करनवीर कौशल ने 46 गेंदों में 86 रन बनाए। उन्होंने 12 चौके और 5 छक्के जड़े, जबकि उत्तराखंड की टीम के कप्तान उन्मुक्त चंद ने 57 गेंदों में 9 चौके और 6 छक्कों की मदद से 87 रनों की पारी खेली। दोनों के बीच 150 रनों की साझेदारी हुई। अरुणाचल की टीम ने 48.4 ओवर में 199 रन बनाए थे, जबकि उत्तराखंड ने 23.2 ओवर में 202 रन बनाकर 8 विकेट से मैच जीत लिया। अब बीसीसीआई की नज़रें भी इस सलामी जोड़ी पर हैं। देखना है कि आगे क्या होता है।