गंगोत्री-1 हिमशिखर अभियान के दौरान हुए दुखद हादसे में आईटीबीपी के जवान की मौत हो गई...
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कोमल नेगी
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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: Itbp climber dies due to avalanche
उत्तरकाशी: एक दुखद खबर उत्तरकाशी से आ रही है, जहां बर्फीले तूफान की चपेट में आने से आईटीबीपी के पर्वतारोही की मौत हो गई। आईटीबीपी का एक दल गंगोत्री 1 हिमशिखर अभियान पर निकला था। आरोहण के दौरान गंगोत्री-1 पीक पर हादसा हो गया। एवलांच की चपेट में आने से आईटीबीपी के हिमवीर की मौत हो गई। मृतक पर्वतारोही का शव हेलीकॉप्टर की मदद से बेस कैंप देहरादून लाया गया। इस दुखद हादसे से आईटीबीपी दल के पर्वतारोही सदमे मैं हैं, अभियान को स्थगित कर दिया गया है। दल वापस लौटने की तैयारी कर रहा है। हादसे में जान गंवाने वाले पर्वतारोही का नाम नौर्बू वांग्बुस है, वो 38 साल के थे। साथियों ने बताया कि नौर्बू वांग्डुस लद्दाख के रहने वाले थे। वो अनुभवी पर्वतारोही थे। नौर्बू वांग्डुस अपने पीछे पत्नी और एक बेटी समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। शनिवार को उनकी पार्थिव देह देहरादून लाई गई, यहां से मृतक का शव सैन्य सम्मान के साथ उनके घर पहुंचाया जाएगा।
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आपको बता दें कि बीते 29 सितंबर को आईटीबीपी का 23 सदस्यीय दल गंगोत्री से गंगोत्री-1 (6674 मीटर) पीक पर आरोहण के लिए निकला था। दल में 12 पर्वतारोही थे, साथ ही 11 सहयोगी स्टाफ भी था। दल ने रुद्रगैरा बेस कैंप से आगे बढ़ने के बाद 4500 मीटर ऊंचाई पर बेस कैंप स्थापित किया था। एडवांस बेस कैंप और समिट कैंप स्थापित कर ये दल हिमशिखर पर आरोहण की तैयारी कर रहा था। 11 अक्टूबर को दल के पर्वतारोही शिखर की तरफ बढ़ रहे थे। तभी विशालकाय एवलांच आने की वजह से रोप टूट गई, और पर्वतारोही नौर्बू वांग्बुस दो सौ मीटर गहरी खाई में जा गिरे। उन्हें तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर खाई से निकाला गया, साथी उन्हें एडवांस बेस कैंप ले जा रहे थे, पर तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।