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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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उत्तरकाशी: दिवाली से ठीक पहले उत्तराखंड ने अपने वीर सपूत को खो दिया। उत्तराखंड के रहने वाले जवान रविंद्र डंगवाल का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ उत्तरकाशी में किया गया। 38 साल के रविंद्र डंगवाल उत्तरकाशी जिले के भटवाड़ी ब्लॉक के रहने वाले थे। भटवाली ब्लॉक में एक गांव है बग्याल, रविंद्र का परिवार इसी गांव में रहता है। रविंद्र गढ़वाल राइफल्स की 5वीं बटालियन में तैनात थे। दिवाली से पहले उनकी मौत के दुखद समाचार से पूरा उत्तराखंड शोक में डूबा है। जवान के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गढ़वाल राइफल्स का हिस्सा रहे रविंद्र डंगवाल इस वक्त असम में तैनात थे। कुछ समय पहले पता चला कि रविंद्र को कैंसर हो गया है, तब से पूरा परिवार सदमे में था। हर कोई किसी चमत्कार की उम्मीद कर रहा था। रविंद्र भी किसी तरह कैंसर से जूझते रहे, उसे मात देने की पूरी कोशिश करते रहे, लेकिन वो बच नहीं सके। जवान रविंद्र का इलाज देहरादून के आर्मी हॉस्पिटल में चल रहा था। दो-तीन महीने हो गए थे, बुधवार को उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। डॉक्टर्स ने उन्हें बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन रविंद्र ने दम तोड़ दिया। जवान का अंतिम संस्कार उत्तरकाशी स्थित उनके पैतृक घाट केदारघाट में किया गया। जवान के निधन से पूरे गांव में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रविंद्र अपने पीछे पत्नी, बेटे और बेटी को बिलखता छोड़ गए हैं। उनका बेटा 11वीं में पढ़ता है, जबकि बेटी 9वीं की छात्रा है।
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