उत्तराखंड में तैयार है का सबसे लंबा सिंगल लेन पुल, 2020 से यातायात शुरू...जानिए खूबियां

ये खूबसूरत तस्वीरें भारत के सबसे लंबे (440मीटर) सिंगल लेन मोटर पुल यानी डोबरा चांठी पुल की हैं। आप भी देखिए
Advertisement Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life

Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

Example Ads Media
Uttarakhand news: Dobra chanthi bridge tehri garhwal
Image: Dobra chanthi bridge tehri garhwal

टिहरी गढ़वाल: टिहरी झील ने कम वक्त में ही पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग जगह बना ली है। झील निर्माण के लिए पुराने टिहरी को अपना बलिदान देना पड़ा। लोगों को नई टिहरी में बसाया गया, पर लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुईं। टिहरी झील निर्माण के बाद प्रतापनगर और उत्तरकाशी जिले के कई इलाके अलग-थलग पड़ गए। संचार साधनों का तो उत्तराखंड में वैसे ही बुरा हाल है। इन इलाकों के लोग कई साल से टिहरी झील पर पुल निर्माण की मांग कर रहे थे। लाखों लोगों की ये मुराद जल्द ही पूरी होने वाली है। डोबरा चांठी पुल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। अभी पुल पर पेंटिंग का काम बाकी है, मार्च 2020 से इस पर यातायात शुरू होगा, प्रतापनगर की जनता का सपना सच होगा।चलिए अब आपको इस पुल की खास बात बताते हैं। टिहरी झील पर बन रहे इस पुल की लंबाई 440 मीटर है, ये एशिया का सबसे लंबा पुल है। पुल बनने से क्षेत्र में बसी ढाई लाख आबादी को फायदा होगा।

  • खत्म हुआ लंबा इंतजार

    Dobra chanthi bridge tehri garhwal
    Pic: 1/ 4
    Image: Dobra chanthi bridge tehri garhwal

    जब से टिहरी डैम बना है, तब से प्रतापनगर और उत्तरकाशी जिले के गाजणा पट्टी के गांव अलग-थलग पड़े हैं। इन इलाकों में करीब ढाई लाख लोगों की आबादी है। जल्द ही ये लोग डोबरा-चांठी पुल के जरिए सड़क सेवाओं से जुड़ जाएंगे।

  • 250 करोड रुपए का खर्च

    Dobra chanthi bridge tehri garhwal
    Pic: 2/ 4
    Image: Dobra chanthi bridge tehri garhwal

    शुरुआत में इस पुल के लिए राज्य सरकार ने 135 करोड़ का बजट दिया था, पर अब तक इस काम में 250 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।

  • ढाई लाख लोगों को फायदा

    Dobra chanthi bridge tehri garhwal
    Pic: 3/ 4
    Image: Dobra chanthi bridge tehri garhwal

    जब से टिहरी डैम बना है, तब से प्रतापनगर और उत्तरकाशी जिले के गाजणा पट्टी के गांव अलग-थलग पड़े हैं। इन इलाकों में करीब ढाई लाख लोगों की आबादी है। जल्द ही ये लोग डोबरा-चांठी पुल के जरिए सड़क सेवाओं से जुड़ जाएंगे।

  • 2006 से चल रहा निर्माण

    Dobra chanthi bridge tehri garhwal
    Pic: 4/ 4
    Image: Dobra chanthi bridge tehri garhwal

    पीडब्ल्यूडी की कार्यदायी संस्था पुल निर्माण के काम को अंतिम रूप देने में जुटी है। साल 2006 से पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। अब ये पूरा होने वाला है। इलाके के लोग खुश हैं। टिहरी झील के बाद क्षेत्र में बन रहा का ये भारत का सबसे बड़ा पुल उत्तराखंड के लिए ही नहीं पूरे देश के लिए बड़ी उपलब्धि साबित होगा।