पिंकी रावत हत्याकांड में बड़ी खबर..मोबाइल लूट के लिए हुई थी हत्या, 5 आरोपी गिरफ्तार

काशीपुर में शोरूम में लूट के दौरान मारी गई पिंकी रावत के पांचों हत्यारों को पुलिस ने पकड़ लिया है, आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है...
Advertisement Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers

A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.

Example Ads Media
Pinky rawat murder case: Sales girl heinous murder in kashipur five accused arrested
Image: Sales girl heinous murder in kashipur five accused arrested

: पहाड़ की बेटी पिंकी के हत्यारे पकड़े गए। पुलिस ने काशीपुर में हुए पिंकी रावत हत्याकांड के पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल चाकू, खून से सने कपड़े और शोरूम से लूटे गए दस मोबाइल भी बरामद कर लिए हैं। वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि पिंकी की हत्या लूट के लिए की गई थी। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने शक के आधार पर आरोपी बनाए गए शोरूम मालिक मनीष चावला को क्लीन चिट दे दी। घटना 18 अक्टूबर की है। काशीपुर के गिरिताल रोड स्थित मोबाइल शोरूम में कुछ बदमाश घुसे, उन्होंने वहां लूटपाट की, विरोध करने पर वहां काम करने वाली पिंकी रावत की हत्या कर दी। पिंकी धुमाकोट की रहने वाली थी। आरोपियों ने शोरूम से 11 मोबाइल भी लूट लिए थे। सर्विलांस डाटा और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस टीमों ने आरोपियों की पहचान की।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: भाई-बहन को ट्रक ने रौंदा, दोनों की मौत..मातम में बदली दिवाली की खुशियां
फुटेज में दिखी बाइक का पता लगाते हुए पुलिस कचनालगाजी निवासी मनोज उर्फ मोंटी तक पहुंच गई। इसके बाद पुलिस ने एक के बाद एक सभी आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने हत्याकांड में मनोज, विनोद, गौरव कुमार और रोहित के साथ एक नाबालिग को पकड़ा है। लूटे गए मोबाइल भी पुलिस ने बरामद कर लिए। हत्याकांड का खुलासा करने के लिए पुलिस पर लगातार दबाव था। 65 पुलिस अधिकारी और कांस्टेबलों की टीम दिन-रात जुटी रही, तब कहीं जाकर आरोपी पकड़े जा सके। पुलिस टीमों ने लगातार पांच दिनों तक मोबाइल टावरों से डंप डाटा प्राप्त किया। इस दौरान पांच हजार से अधिक संदिग्ध नंबरों की पड़ताल की गई। इसके अलावा करीब 300 सीसीटीवी कैमरों से फुटेज उठाए गए। पिंकी के हत्यारे अब पुलिस की गिरफ्त में हैं, पर्वतीय महासभा ने भी पुलिस के काम पर संतोष जताया। साथ ही अपना कर्तव्य निभाते हुए जान देने वाली पिंकी रावत को वीरांगना लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा भी की।