उत्तराखंड: BSF जवान की ड्यूटी के दौरान मौत, नम आंखों से हुई आखिरी विदाई

बीएसएफ जवान विक्रम की ड्यूटी के दौरान तबीयत खराब हो गई थी, उनका आर्मी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था, लेकिन वो बच नहीं सके...
Advertisement चारधाम यात्रा 2026 पैकेज बुकिंग शुरू! ये ऑफर मिस किया तो पछताओगे

चारधाम यात्रा 2026 का सबसे सस्ता पैकेज? कीमत जानकर चौंक जाएंगे!

Example Ads Media
Uttarakhand: Bsf soldier dies during treatment in Uttarakhand
Image: Bsf soldier dies during treatment in Uttarakhand

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड एक बार फिर गम में डूबा है। कुछ दिन पहले बीमारी ने गढ़वाल राइफल्स के जवान रविंद्र डंगवाल को हमसे छीन लिया था। प्रदेशवासी इस सदमे से उबरे भी नहीं थे कि रुद्रप्रयाग से एक और दुखभरी खबर आ गई। अगस्त्यमुनि के रहने वाले बीएसएफ जवान की बीमारी से मौत हो गई। बीएसएफ जवान का नाम विक्रम लाल है, वो 45 साल के थे। विक्रम लाल अगस्त्यमुनि के अंतर्गत आने वाले कमसाल गांव के रहने वाले थे। वो बीएसएफ में हवलदार के पद पर सेवाएं दे रहे थे। इस वक्त उनकी तैनाती असम में थी। परिजनों ने बताया कि ड्यूटी के दौरान विक्रम लाल की तबियत बिगड़ गई थी। उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं था। विक्रम को इलाज के लिए दिल्ली के आर्मी हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था। जहां बीते 24 अक्टूबर को उनकी मौत हो गई। जवान की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, वहां मातम पसर गया। परिजन बिलखने लगे। शनिवार की सुबह बीएसएफ के जवान और अधिकारी हवलदार विक्रम लाल का पार्थिव शरीर लेकर उनके गांव पहुंचे तो वहां कोहराम मच गया। पैतृक घाट पर सैन्य सम्मान के साथ जवान की अंत्येष्टि की गई। विक्रम अपने पीछे पत्नी और 5 बेटियों को बिलखता छोड़ गए हैं। पूरा गांव शोक में डूबा है। आपको बता दें कि कुछ दिन पहले गढ़वाल राइफल्स के जवान रविंद्र डंगवाल का भी निधन हो गया था। रविंद्र डंगवाल कैंसर से जूझ रहे थे। उनका देहरादून के आर्मी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था, लेकिन वो बच नहीं सके। रविंद्र डंगवाल उत्तरकाशी के बग्याल गांव के रहने वाले थे।
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: तिहरे हत्याकांड से दहला पिथौरागढ़, हत्यारों के नेपाल भागने की आशंका