कल बंद होंगे तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट, चोपता में विश्राम करेगी उत्सव डोली

चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक 16 हजार श्रद्धालु भगवान तुंगनाथ के दर्शन कर चुके हैं, धाम के कपाट 6 नवंबर को बंद होंगे...
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Tungnath dham: Tungnath dham gate will close on 6th November for winter
Image: Tungnath dham gate will close on 6th November for winter

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड पंचकेदारों की भूमि है। ये बात और है कि केदारनाथ धाम के अलावा अन्य केदार धामों के बारे में लोग कम ही जानते हैं। इन्हें धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर वो जगह नहीं मिल पाई, जिनके ये हकदार हैं। इन्हीं में से एक है तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ। केदारनाथ धाम के कपाट बंद हो चुके हैं। तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट भी 6 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसी दिन बाबा तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली रात्रि प्रवास के लिए चोपता पहुंचेगी, जो कि पहला पड़ाव है। तृतीय केदार की यात्रा इस साल 10 मई से शुरू हुई थी। तब से अब तक 16 हजार से ज्यादा श्रद्धालु बाबा तुंगनाथ के दर्शन कर चुके हैं। जब से केदारनाथ के कपाट बंद हुए हैं, तब से तुंगनाथ आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हुआ है।

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बीते चार दिनों में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बाबा तुंगनाथ के दर्शन किए। 6 नवंबर को विधि विधान के साथ मंदिर के कपाट बंद किए जाएंगे। इस दौरान मंदिर को करीब दो कुंतल फूलों से सजाया जाएगा। सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मंदिर को सजाया गया है। तुंगनाथ मंदिर रुद्रप्रयाग के तुंगनाथ पर्वत पर स्थित है। 3460 मीटर की ऊंचाई पर स्थित ये मंदिर पंच केदारों में सबसे ऊंचाई पर है। मंदिर करीब एक हजार साल पुराना है, पर यहां आज भी सुविधाओं का अभाव है। मंदिर के पुजारियों का कहना है कि तृतीय केदार के प्रति शासन और बीकेटीसी उपेक्षित व्यवहार कर रहा है। मूलभूत सुविधाएं जुटाने की कोशिशें नहीं की जा रहीं, जिस वजह से तुंगनाथ की यात्रा को गति नहीं मिल पा रही।