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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड पंचकेदारों की भूमि है। ये बात और है कि केदारनाथ धाम के अलावा अन्य केदार धामों के बारे में लोग कम ही जानते हैं। इन्हें धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर वो जगह नहीं मिल पाई, जिनके ये हकदार हैं। इन्हीं में से एक है तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ। केदारनाथ धाम के कपाट बंद हो चुके हैं। तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट भी 6 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसी दिन बाबा तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली रात्रि प्रवास के लिए चोपता पहुंचेगी, जो कि पहला पड़ाव है। तृतीय केदार की यात्रा इस साल 10 मई से शुरू हुई थी। तब से अब तक 16 हजार से ज्यादा श्रद्धालु बाबा तुंगनाथ के दर्शन कर चुके हैं। जब से केदारनाथ के कपाट बंद हुए हैं, तब से तुंगनाथ आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हुआ है।