उत्तराखंड की बेरहम मां..1 दिन की बच्ची को सर्द रात में सड़क पर छोड़कर भागी, तलाश जारी

बच्ची को अभी दुनिया में आए 24 घंटे ही हुए थे, उसने आंख खोली ही थी की कलयुगी मां उसे मरने के लिए सड़क किनारे छोड़ गई...
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Left newborn baby: Left newborn baby on road
Image: Left newborn baby on road

अल्मोड़ा: बेटियां कहीं सुरक्षित नहीं हैं, ना तो मां के गर्भ में और ना ही समाज में, आज भी उन्हें संतान कम, बोझ ज्यादा समझा जाता है। जैसे ही पता चलता है कि गर्भ में पल रही संतान लड़की है, लोग उसे मार देना चाहते हैं, बच जाती हैं तो सड़कों पर मरने के लिए छोड़ दी जाती हैं। अल्मोड़ा में भी एक बच्ची के साथ ऐसा ही हुआ। बच्ची को अभी दुनिया में आए 24 घंटे ही हुए थे, उसने आंख खोली ही थी की कलयुगी मां उसे सड़क किनारे छोड़ आई। खुले आसमान तले ठिठुर रही बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, पर उसकी हालत गंभीर है। पुलिस अब उस कलयुगी मां को खोज रही है, जिसने अपनी बच्ची को मरने के लिए सड़क पर छोड़ दिया। पुलिस प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अपराधी तक पहुंचने के लिए विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है। घटनास्थल के आस-पास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं, ताकि इस तरह की अमानवीय हरकत करने वाले का सुराग लग सके।

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पुलिस ने भ्यारखोला और ओढ़खोला मोहल्ले में जाकर लोगों से पूछताछ भी की। पुलिस का मानना है कि इस तरह की अमानवीय हरकत कोई बिन ब्याही मां नहीं कर सकती। इसके पीछे ऐसी महिला का हाथ हो सकता है जिसकी पहले से कई बेटियां रही हों। आपको बता दें कि 20 नवंबर की रात राजपुर वार्ड के भ्यारखोला और ओढ़खोला मोहल्ले के बीच सड़क किनारे नवजात बच्ची मिली थी। कोई निर्मोही मां अपनी नवजात को खुले आसमान तले मरने के लिए छोड़ गई थी। बच्ची के आस-पास आवारा कुत्तों का झुंड मंडरा रहा था। बाइक सवार तीन युवकों ने किसी तरह बच्ची को वहां से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया। बच्ची की हालत गंभीर है उसका एसटीएस हल्द्वानी में इलाज चल रहा है।