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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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नैनीताल: उत्तराखंड की धरती बार-बार डोल रही है। कभी पिथौरागढ़, कभी चमोली तो कभी उत्तरकाशी-रुद्रप्रयाग, इन चार जिलों में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए जा रहे हैं। वैज्ञानिक कह चुके हैं कि उत्तराखंड पर महाभूकंप यानि मेगा अर्थक्वैक का खतरा मंडरा रहा है, लेकिन एक और वजह है, जिसने वैज्ञानिकों को परेशान किया हुआ है। ये चिंता हिमालय से जुड़ी है। वैज्ञानिकों की मानें तो लगातार आ रहे भूकंप से हिमालय की ऊंचाई बढ़ रही है, और ये शुभ संकेत नहीं है। मध्य हिमालयी क्षेत्रों में हर दिन 800 भूकंप आते हैं, हिमालय की सेहत के लिए ये ठीक नहीं है। भूकंप की वजह से हिमालय की ऊंचाई लगातार बढ़ रही है। कुमाऊं यूनिवर्सिटी नैनीताल के वरिष्ठ प्रोफेसर ने इस पर चिंता जताई है। वरिष्ठ प्रोफेसर सीसी पंत कहते हैं कि हिमालय की बढ़ती ऊंचाई आने वाले समय में बड़ा खतरा साबित होगी। भूकंप की वजह से मेन बाउंड्री थ्रस्ट, मेन सेंट्रल थ्रस्ट में दबाव पड़ने से टेक्टोनिक प्लेट टूट रही हैं। मध्य हिमालयी क्षेत्र में हर दिन 800 भूकंप आते हैं, पर इनकी तीव्रता कम होती है, इसीलिए इन्हें महसूस नहीं किया जा सकता।