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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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देहरादून: उत्तराखंड इस वक्त शोक में है, सदमे में है। लेह लद्दाख में आए एवलांच में उत्तराखंड का एक और लाल शहीद हो गया। हादसे में शहीद हुए सूबेदार अनिल कुमार का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह उनके घर पहुंचा। परिवारवालों को उनकी शहादत की सूचना कई दिन पहले ही मिल चुकी थी। वो दुख में थे, सदमे में थे। शहीद के पार्थिव शरीर को लाये जाने का इंतजार कर रहे थे। शनिवार सुबह जब ये इंतजार खत्म हुआ तो परिजन बिलख-बिलख कर रो पड़े। देहरादून के रहने वाले सूबेदार अनिल कुमार कुछ दिन पहले लद्दाख में आए एवलांच की चपेट में आकर शहीद हो गए थे। जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर देहरादून स्थित घर पहुंचा वहां कोहराम मच गया। परिजन रो-रोकर बेसुध हो गए। बाद में शहीद के पार्थिव शरीर को गढ़ी कैंट स्थित टपकेश्वर श्मशान घाट पर ले जाया गया, जहां उन्हें अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिये सैकड़ों लोग पहुंचे थे। सूबेदार अनिल कुमार का परिवार देहरादून के गढ़ी कैंट क्षेत्र में चांदमारी इलाके में रहता है। सूबेदार अनिल कुमार कुछ दिन पहले लेह लद्दाख में आए एवलांच में दबकर शहीद हो गए थे। इस बर्फीले एवलांच में सेना के कुछ और जवान भी दब गए थे। बाद में सेना के जवानों ने राहत बचाव ऑपरेशन चलाकर बर्फ में दबे हुए जवानों के शव खोजे। शनिवार को सूबेदार अनिल कुमार का पार्थिव शरीर उनके आवास पर लाया गया। जिसके बाद सैन्य सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि की गई।