रिमिक्स के इस दौर में भी किशन महिपाल ओरिजनल गीतों पर काम कर रहे हैं और उनका काम लोगों को पसंद भी आ रहा है...आप भी देखिए वीडियो
-
कोमल
-
Advertisement
Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
Example Ads Media
Image: Uttarakhand star kishan mahipal’s new song on YouTube
चमोली: अपने हुनर के दम पर अलग पहचान बनाना किसे कहते हैं, ये लोकगायक किशन महिपाल को देखकर अच्छी तरह समझा जा सकता है। किशन महिपाल के हिट गाने आज हर युवा की जुबान पर हैं। रिमिक्स के इस दौर में भी वो ओरिजनल गीतों पर काम कर रहे हैं और उनका ये काम लोगों को बहुत पसंद भी आ रहा है। किशन महिपाल को उनके सुपरहिट गीत ‘फ्योंलड़िया’ के लिए जाना जाता है। उत्तराखंड में ऐसा कोई समारोह नहीं होता, जिसमें ‘फ्योंलड़िया’ गीत ना बजता हो। यू-ट्यूब पर अपलोड इस गीत को लाखों लोग देख चुके हैं, सराह चुके हैं। इन दिनों किशन महिपाल का गाया एक और गीत धूम मचा रहा है, ये गीत है ‘स्याली हो’ इस गीत का प्रीमियर 26 अक्टूबर को हुआ था। तब से अब तक इसे 545,473 व्यूज मिल चुके हैं। लोगों को गीत बहुत पसंद आ रहा है। आगे देखिए वीडियो
यह भी पढ़ें - पहाड़ के रवीश बिष्ट..एक नाटक ने बदली इनकी जिंदगी, आज हैं स्पोर्ट्स एंकर ऑफ द ईयर
लोक गायक किशन महिपाल को टैलेंट का पैकेज कहा जाये तो गलत नहीं होगा। वो गायक हैं, गीतकार हैं, निर्देशक भी हैं। किशन महिपाल दूरस्थ पहाड़ी इलाके में बसे एक भोटिया परिवार में जन्मे। गांव का नाम है इंद्रधारा गांव, जो कि बदरीनाथ धाम के पास है। पिता किसान थे। किशन बड़े हुए तो पढ़ाई के लिए गोपेश्वर चले आए। वहां एम.कॉम और इकॉनोमिक्स से एमए किया, पर मन तो संगीत में ही रमा था। कॉलेज में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया करते थे, बाद में प्रोफेशनल गायक के रूप में कार्यक्रम करने लगे। टैलेंटेड तो थे ही, इसीलिए सफलता भी मिली और सराहना भी। आज किशन महिपाल उत्तराखंड के स्थापित लोक गायकों में से एक हैं। उत्तराखंडी संगीत को नई ऊंचाईयों पर ले जाने का श्रेय उन्हीं को जाता है। ये तो हुई लोकगायक किशन महिपाल की बात, चलिए अब उनका सुपरहिट गीत स्याली हो...भी देख लें। गीत के कंपोजर भी किशन महिपाल ही हैं, संगीत गुंजन डंगवाल का है।