DM मंगेश घिल्डियाल से सीखिए..गोद लिया सरकारी स्कूल, अब बच्चों को पढ़ा भी रहे हैं

डीएम मंगेश घिल्डियाल ने सतेराखाल के स्कूल के निरीक्षण के दौरान कक्षा-5 के बच्चों को गणित के फार्मूले बताए...
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Saterakhal primary school: Dm became teacher during inspection of primary school
Image: Dm became teacher during inspection of primary school

रुद्रप्रयाग: स्कूलों को, गांवों को गोद लेना अब एक फैशन सा बन गया है। सांसद-विधायक गांवों-स्कूलों को गोद लेते हैं, उनके विकास का दावा करते हैं, पर ये विकास सिर्फ अखबारों में फोटो छपवाने तक सीमित रहता है। गोद लिए गांवों में कोई झांकने तक नहीं आता। इस मामले में अपने रुद्रप्रयाग के डीएम मंगेश घिल्डियाल थोड़ा अलग निकले। डीएम मंगेश घिल्डियाल की गिनती उत्तराखंड के काबिल अफसरों में होती है। बात क्षेत्र के विकास की हो, या फिर शिक्षा के स्तर के सुधार की, वो हर स्तर पर बेहरतरीन काम कर रहे हैं। हाल ही में डीएम मंगेश राजकीय प्राथमिक विद्यालय सतेराखाल पहुंचे। उन्होंने इस स्कूल को गोद लिया है, पर ऐसा नहीं कि स्कूल को गोद लेने के बाद उन्होंने स्कूल की तरफ से आंखें मूंद ली हो। वो समय-समय पर स्कूल का निरीक्षण करने आते हैं। छात्रों से बात भी करते हैं, और उन्हें पढ़ाते भी हैं। इस बार भी उन्होंने यही किया। सतेराखाल के स्कूल के निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षा-5 के बच्चों को गणित पढ़ाई। उनसे सवाल भी पूछे।

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बच्चों ने हर सवाल का सही जवाब दिया, जिस पर डीएम ने खुशी जताई। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बच्चों को होमवर्क भी दिया। साथ ही स्कूल में काम करने वाली दोनों महिला शिक्षकों से बच्चों पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को छात्रों को होमवर्क देने के साथ ही खुद भी होमवर्क करना होगा। ऐसा होने पर ही बच्चे भी पढ़ाई में रुचि लेंगे। बच्चों को पढ़ाने के नये-नये तरीके विकसित किए जाने चाहिए, तभी बच्चों की समझ बढ़ेगी। डीएम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कक्षाओं की दीवार पर पेंटिंग लगवाने और खाली जमीन पर टाइल्स लगाने के भी निर्देश दिए।