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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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रुद्रप्रयाग: स्कूलों को, गांवों को गोद लेना अब एक फैशन सा बन गया है। सांसद-विधायक गांवों-स्कूलों को गोद लेते हैं, उनके विकास का दावा करते हैं, पर ये विकास सिर्फ अखबारों में फोटो छपवाने तक सीमित रहता है। गोद लिए गांवों में कोई झांकने तक नहीं आता। इस मामले में अपने रुद्रप्रयाग के डीएम मंगेश घिल्डियाल थोड़ा अलग निकले। डीएम मंगेश घिल्डियाल की गिनती उत्तराखंड के काबिल अफसरों में होती है। बात क्षेत्र के विकास की हो, या फिर शिक्षा के स्तर के सुधार की, वो हर स्तर पर बेहरतरीन काम कर रहे हैं। हाल ही में डीएम मंगेश राजकीय प्राथमिक विद्यालय सतेराखाल पहुंचे। उन्होंने इस स्कूल को गोद लिया है, पर ऐसा नहीं कि स्कूल को गोद लेने के बाद उन्होंने स्कूल की तरफ से आंखें मूंद ली हो। वो समय-समय पर स्कूल का निरीक्षण करने आते हैं। छात्रों से बात भी करते हैं, और उन्हें पढ़ाते भी हैं। इस बार भी उन्होंने यही किया। सतेराखाल के स्कूल के निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षा-5 के बच्चों को गणित पढ़ाई। उनसे सवाल भी पूछे।