सुरेंद्र जंगल में मवेशी चरा रहे थे, तभी उन पर गुलदार ने हमला कर दिया, कुत्तों ने दिलेरी ना दिखाई होती तो सुरेंद्र बच नहीं पाते...
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कोमल
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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
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Image: Dogs who saved their owners life
उत्तरकाशी: हम ऐसे खतरनाक दौर में जी रहे हैं, जहां इंसान को इंसान की परवाह नहीं, इंसानियत, वफादारी अब किस्से कहानियों की बातें लगती हैं। ऐसे वक्त में हमें अपनेपन और वफादारी का सबक जानवरों से सीखने की जरूरत है। पहाड़ का भोटिया कुत्ता भी एक ऐसा ही जानवर है, जो कि सभ्यता की शुरुआत के समय से इंसान के साथ रहा है, उसका साथी, उसका हमदर्द रहा है। बात जब मालिक की जान बचाने की हो, तो कुत्ते अपना फर्ज निभाते हुए जान देने तक से पीछे नहीं हटते। उत्तरकाशी में भी ऐसा ही हुआ। जहां गुलदार ने युवक पर हमला कर दिया था। मालिक की जान बचाने के लिए पालतू भोटिया कुत्ते गुलदार से भिड़ गये। किसी तरह मालिक की जान बचा ली, लेकिन गुलदार के हमले में एक कुत्ते की जान चली गई।
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घटना धरासू रेंज की है, जहां सुरेंद्र राणा नाम का युवक मथाली के जंगल में मवेशी चरा रहा था। इसी दौरान गुलदार ने सुरेंद्र पर हमला कर दिया। मालिक की जान मुश्किल में देख सुरेंद्र के दो पालतू भोटिया कुत्ते गुलदार से भिड़ गये। कुत्तों ने दिलेरी दिखाकर किसी तरह मालिक की जान बचा ली, पर हमले में एक कुत्ते की जान चली गई। वहीं दूसरा कुत्ता गुलदार पर तब तक वार करता रहा, जब तक वो जंगल से भाग नहीं गया। हमले में सुरेंद्र भी घायल हुए हैं, उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। युवक का चिन्यालीसौड़ के अस्पताल में इलाज चल रहा है। गुलदार के हमले में कुत्ते की मौत होने के बाद सुरेंद्र के परिवारवाले दुखी हैं। युवक ने कहा कि अगर कुत्तों ने दिलेरी ना दिखाई होती तो शायद वो आज जिंदा ना होते। बहादुर कुत्ते की वफादारी का किस्सा पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।