उत्तराखंड: ज्योतिषाचार्य की भविष्यवाणी, प्राकृतिक आपदा का संकेत दे रहा है सूर्य ग्रहण

साल 1962 में भी सूर्य ग्रहण का ऐसा ही योग बना था, तब भारत को चीन का आक्रमण झेलना पड़ा था...
Advertisement Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of

Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.

Example Ads Media
solar eclipse: Jyotishacharya pandit ramesh semwal prediction on solar eclipse
Image: Jyotishacharya pandit ramesh semwal prediction on solar eclipse

देहरादून: सूर्य ग्रहण...जिसे भारत में खगोलीय घटना के अलावा जीवन और ग्रहों के चक्र से जोड़कर देखा जाता है। ग्रहण के प्रभाव को लेकर वैज्ञानिकों और ज्योतिषों के अपने-अपने मत हैं। माना जाता है कि ग्रहण का मानव जीवन पर बुरा असर पड़ता है। इसके दुष्प्रभावों से बचने के लिए विशेष उपाय करने होते हैं। 26 दिसंबर यानि आज सूर्य ग्रहण है, जिसे लेकर उत्तराखंड के ज्योतिषाचार्यों ने डराने वाली भविष्यवाणी की है। इस भविष्यवाणी को सुनकर आपकी चिंता बढ़ सकती है और ऐसा होना सहज ही है। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित रमेश सेमवाल के अनुसार 26 दिसंबर को सूर्य ग्रहण से प्राकृतिक आपदा का योग बन रहा है। भूकंप आने की अतिसंभावना बन रही है। ये सूर्य ग्रहण पिछले कई दशकों में लगे सूर्य ग्रहण से अलग है। ग्रहण के समय 6 ग्रह सूर्य, चंद्रमा, शनि, गुरु और बुध की युक्ति केतु के साथ होगी। इससे पहले ऐसा संयोग 5 फरवरी 1962 में बना था। तब सूर्य ग्रहण के समय मकर राशि में सभी सात ग्रह केतु के साथ उपस्थित थे। उस ग्रहण के प्रभाव से साल 1962 में भारत को चीन का आक्रमण झेलना पड़ा था। 58 साल बाद फिर ऐसे संयोग बन रहे हैं, जो कि देश में बड़ी आपदा की तरफ इशारा कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड से बड़ी खबर..सासंद अजय भट्ट की गाड़ी हादसे की शिकार, बाल बाल बचे
पंडित रमेश सेमवाल उत्तराखंड ज्योतिष परिषद के अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि 26 दिसंबर को होने वाला सूर्य ग्रहण तबाही के संकेत दिखा रहा है। प्रदेश में प्राकृतिक आपदा और भूकंप आने के संकेत दिख रहे हैं। सूर्य ग्रहण का यह योग पूरे 58 साल बाद बन रहा है, जबकि सूर्य ग्रहण पौष, मास, कृष्ण, पक्ष, अमावस तिथि राशि व मूल नक्षत्र में पड़ रहा है। ग्रहण का समय भारत में सुबह आठ बजे शुरू होगा, जो कि हरिद्वार जिले में सुबह 8 बजकर 20 मिनट पर स्पर्श करेगा। परम ग्रास 10 बजकर 48 मिनट पर है, जबकि 1 बजकर 36 मिनट पर ग्रहण समाप्त होगा। कंकण की कुल अवधि 3 मिनट 34 सेकंड की है। उन्होंने ये भी बताया कि सूर्य ग्रहण का ज्यादा प्रभाव किन क्षेत्रों में रहेगा। जिन राज्यों मं् सूर्यग्रहण का ज्यादा असर रहेगा, उनमें उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और उड़ीसा शामिल हैं। इन प्रदेशों पर सूर्य ग्रहण का बुरा असर दिख सकता है, आपदा आने के संकेत मिल रहे हैं। लोग सावधान रहें।