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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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हरिद्वार: उत्तराखंड में बर्फबारी हो रही है, मौसम में लगातार बदलाव दिख रहा है और तापमान लगातार घटता ही जा रहा है। अब तापमान गिरने के साथ ही उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ गया है। जी हां आप जानते ही होंगे कि तापमान घटते ही स्वाइन फ्लू वायरस एक्टिव हो जाता है। उत्तराखंड इस बीमारी अछूता नहीं रहा है। इसे लेकर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स प्रशासन अलर्ट हो गया है। एम्स निदेशक प्रो. रविकांत के निर्देश पर अलग अलग विभागों के डॉक्टरों ने आपात बैठक की। बैठक में स्वाइन फ्लू के मद्देनजर आठ बिंदुओं पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। हम आपको बता रहे हैं कि स्वाइन फ्लू के लक्षण क्या हैं और इससे कैसे सावधान रहा जा सकता है। तेज बुखार, खांसी, शरीर में दर्द और गले में दर्द स्वाइन फ्लू के लक्षण हो सकते हैं। ये बीमारी शरीर के किसी भी अंग को प्रभावित कर सकती है। ये हीमारी ऐसे व्यक्ति को तेजी से संक्रमित करती है जो पहले से बीमार हो। बीमारी के समय शरीर को पूरा रेस्ट दें, सामान्य स्थिति में हर रोज पीने वाले पानी की मात्रा को दोगुना बढ़ा दें, बुखार होने पर पैरासिटामोल की टेबलेट दिन में चार से पांच बार लें और तीन दिन दवा लेने पर आराम नहीं मिलने पर तत्काल डॉक्टर से से संपर्क करें। कुल मिलाकर कहें तो ठंड बढ़ने के साथ ही स्वाइन फ्लू का खतरा भी सामने है। एम्स के मेडिसिन विभाग में स्वाइन फ्लू के मद्देनजर 6 बिस्तर वाला आइसोलेशन रूम उपलब्ध है। साथ ही एन-95 मास्क की व्यवस्था भी है।