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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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अल्मोड़ा: बेटियां हैं...ये ही वो बेटियां हैं जिन्होंने अपने बुलंद हौसले से उत्तराखंड की बुलंद तस्वीर तैयार की है। ऐसी ही एक बेटी हैं वैशाली हर्बोला। वैशाली पहाड़ की वो बिटिया हैं, जिनके पिता पहाड़ में ही दुकान चलाते हैं। बेटी ने हमेशा से अच्छे सपने बुने और उन सपनों को साकार करने चल पड़ी। आज वैशाली के कंधे पर सितारे सजे हैं क्योंकि वो भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गई है। चार साल की MNS यानी मिलिट्री नर्सिंग सर्विस की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वैशाली सेना में लेफ्टिनेंट बन गई है। वैशाली हर्बोला मूल रूप से चौखुटिया के महतगांव की रहने वाली हैं। उनके पिता हरीश हर्बोला रानीखेत के ही सुभाष चौक में दुकान चलाते हैं। वैशाली की मां माता मंजू देवी एक कुशल गृहिणी हैं। वैशाली ने अपनी शुरुआती पढ़ाई रानीखेत के कनोसा कॉन्वेंट से पूरी की।