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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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चम्पावत: देश की रक्षा कर रहे एक फौजी का हंसता खेलता परिवार...गांव में माता-पिता और घर में इंतजार करती पत्नी। सब कुछ ठीक था लेकिन एक खबर बज्रपात की तरह इस परिवार पर टूट पड़ी। अचानक खबर आई कि उनका बेटा सरहद पर देश की रक्षा करते करते शहीद हो गया। उत्तराखंड शहीद राहुल रैंसवाल तिरंगे में लिपटे और घर के लिए चल पड़े। इतने सारे वादों का बोझ, माता-पिता की उम्मीदें...सब कुछ कहीं खो गया और परिवार मातम के गहरे समंदर में डूब गया। राहुल ने अपनी पत्नी से वादा किया था कि वो जल्द वापस लौटेंगे। दरअसल राहुल की पत्नी के भाई की शादी आने वाली थी और राहुल शादी में आने का वादा कर के चले गए। राहुल के साले की शादी आगामी 9 फरवरी को होने वाली थी। ना राहुल लौटा और न ही उसके किए हुए वादे...लौटा तो तिरंगे में लिपटा हुआ राहुल, जो अवंतीपोरा में शहीद हो गया। बीते नवंबर महीने की ही बात है, राहुल छुट्टियों पर अपने घर आया था। हंसी-खुशी और बातों-बातों में छुट्टियां कब बीती, पता ही नहीं चला। आज आंखों में आंसू लिए राहुल की पत्नी हर उस पल को याद कर रही हैं, जो उन्होंने अपने पति के साथ बिताए थे। राहुल रैंसवाल की शादी 2017 में हुई थी। सिर्फ इतने कम वक्त में ही राहुल की पत्नी की मांग सूनी हो गई।