पहाड़ में ऐसे ब्लॉक प्रमुख भी हैं..विनीता की मेहनत रंग लाई..217 स्कूलों के छात्रों को मिलेगा फायदा

बेरीनाग की ब्लॉक प्रमुख विनीता बाफिला के पूछे गए एक सवाल ने जिले के हजारों छात्रों की समस्या का समाधान कर दिया। अब रमसा (Rashtriya Madhyamik Shiksha Abhiyan) का बजट साइंस प्रैक्टिकल संबंधी सुविधाओं पर खर्च होगा...
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Rashtriya Madhyamik Shiksha Abhiyan: science students to get laboratory RMSA facility in pithoragarh
Image: science students to get laboratory RMSA facility in pithoragarh

पिथौरागढ़: पहाड़ के जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की समस्याओं और अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हों तो पहाड़ की तस्वीर बदलते देर नहीं लगेगी। एक ऐसा ही प्रयास बेरीनाग की ब्लॉक प्रमुख विनीता बाफिला ने किया। उनके क्षेत्र में बच्चे साइंस की पढ़ाई तो कर रहे थे, लेकिन प्रैक्टिकल नहीं कर पा रहे थे। प्रैक्टिकल के लिए कोई सुविधा नहीं थी। स्कूलों में इसके लिए जरूरी उपकरण भी नहीं थे। छात्रों के साथ-साथ ब्लॉक प्रमुख विनीता बाफिला भी परेशान थीं। बीते 30 जनवरी को जब क्षेत्र पंचायत बेरीनाग की बैठक हुई तो, ब्लॉक प्रमुख विनीता बाफिला ने छात्रों की समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को बताया कि स्कूलों में साइंस प्रैक्टिकल की सुविधा नहीं है। ब्लॉक प्रमुख ने ये भी पूछा कि रमसा (Rashtriya Madhyamik Shiksha Abhiyan) के तहत मिलने वाला बजट किन मदों में खर्च किया जा रहा है। सवाल वाजिब था, इसीलिए मुख्य विकास अधिकारी वंदना ने ब्लॉक प्रमुख द्वारा उठाई गई समस्या का तुरंत संज्ञान लिया।

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  • रमसा के बजट से 217 इंटर कॉलेजों को प्रैक्टिकल उपकरण दिए जाएंगे

    Pithoragarh science students to get laboratory facility
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    Image: Pithoragarh science students to get laboratory facility

    उन्होंने शिक्षा विभाग और रमसा के जिला समन्वयक के साथ बैठक कर इस बजट-खर्च की जानकारी हासिल की। तब उन्हें पता चला कि रमसा के तहत मिलने वाले बजट को स्कूल में अन्य मदों में खर्च किया जा रहा था। अब इस बजट को विज्ञान विषय की गतिविधियों में खर्च किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। रमसा के बजट से अब जिले के सभी 217 इंटर कॉलेजों के विज्ञान वर्ग के छात्रों को स्कूलों में प्रैक्टिकल के लिए उपकरण दिए जाएंगे। जिससे छात्र प्रैक्टिकल एग्जॉम्स की तैयारी कर सकेंगे। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (RMSA) के तहत मिलने वाले बजट को अब छात्रों के हितों और शिक्षा संबंधी सुविधाओं पर खर्च किया जाएगा।