पहाड़ में नशे का जाल फैलाने के लिए आई दो नेपाली महिलाएं, 4 लाख की चरस बरामद

नेपाल से चरस लेकर आ रही दो महिलाओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों के पास से तीन किलो 960 ग्राम चरस बरामद हुई।
Advertisement Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand

Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.

Example Ads Media
Two women of nepal arrested: Two women caught with weed in champawat
Image: Two women caught with weed in champawat

चम्पावत: कभी शराबखोरी के लिए बदनाम रहे उत्तराखंड में अब स्मैक-चरस का धंधा खूब फल-फूल रहा है। उत्तराखंड में दूसरे राज्यों से ही नहीं, दूसरे देशों से भी नशे की खेप लाई जा रही है। सीमांत क्षेत्रों में तो हाल और भी बुरे हैं। यहां महिलाएं स्मैक-चरस की तस्करी में लिप्त मिल रही हैं। ताजा मामला चंपावत के बनबसा का है, जहां पुलिस ने बॉर्डर पर चरस लेकर आ रही दो नेपाली महिलाओं को पकड़ा। दोनों महिलाएं नेपाल से चरस लाने के बाद भारत में दाखिल होने की कोशिश कर रही थीं। तलाशी के दौरान उनके पास से 3 किलो 960 ग्राम चरस मिली। पुलिस ने दोनों महिलाओं के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है। घटना गुरुवार की है। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित स्वागत गेट के पास पुलिस और एसएसबी का संयुक्त चेकिंग अभियान चल रहा था। तभी पुलिस को दो महिलाएं भारत की तरफ पैदल आती दिखाई दीं।

यह भी पढ़ें - देहरादून में दर्दनाक बाइक हादसा, बर्थ डे मनाकर निकले दो भाइयों की मौत..घर में कोहराम
शक होने पर चेकिंग टीम ने दोनों महिलाओं को रोक लिया। पुलिस उनसे पूछताछ करने लगी। पुलिस ने उनके थैलों की तलाशी ली तो उसमें चरस रखी मिली। आरोपी महिलाओं की पहचान 38 वर्षीय माया देवी और 40 वर्षीय लक्ष्मी रूका के रूप में हुई। दोनों ही नेपाल के जिला रूकुम की रहने वाली हैं। माया देवी के पास से एक किलो 960 ग्राम चरस बरामद हुई, जबकि लक्ष्मी के पास से दो किलो चरस मिली है। बरामद चरस की कीमत करीब 3 लाख 96 हजार रुपये है। पूछताछ में दोनों महिलाओं ने बताया कि वो अपने गांव से चरस लाई थीं, जिसे भारत के हिमाचल प्रदेश पहुंचाया जाना था। इस काम के लिए उन्हें 10 हजार रुपये मिलने थे। पुलिस ने आरोपी महिलाओं के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।