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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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उधमसिंह नगर: कहते हैं पूत कपूत हो सकता है, लेकिन माता कभी कुमाता नहीं हो सकती, पर बदलते वक्त से साथ मानवीय संवेदनाएं भी खत्म होती जा रही हैं। उत्तराखंड के काशीपुर में एक ऐसा ही मामला सामने आया, जिसने ममता को शर्मसार कर दिया। यहां श्यामपुर में कलयुगी मां अपने नवजात बच्चे को हरिशंकर मंदिर के पास खेत में छोड़ गई। रविवार सुबह नवजात शिशु गेहूं के खेत में ठंड से ठिठुरता मिला। एक महिला ने बच्चे को एलडी भट्ट अस्पताल पहुंचाया, पर मासूम को वहां भी इलाज नहीं मिल सका। बाल रोग विशेषज्ञ ना होने की वजह से बच्चे को निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया। बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी पल्स नहीं मिल रही। ठंड लगने की वजह से वो निमोनिक हो गया है। घटना रविवार की है। श्यामपुर कॉलोनी में दीपा नाम की महिला सड़क से गुजर रही थी, इसी दौरान उसे बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। महिला खेत के पास पहुंची तो उसे वहां एक नवजात ठंड से ठिठुरता मिला। महिला बच्चे को तुरंत अस्पताल ले गई। जहां उसे एनआईसीयू में भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे का वजन दो किलो 4 सौ ग्राम है। ठंड लगने की वजह से पल्स में गिरावट आई है। उसे निमोनिया हो गया है। बच्चे का अस्पताल में इलाज चल रहा है। बच्चे को छोड़ने वाली महिला के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिल पाई है, मामले की जांच जारी है।
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