उत्तराखंड: गरीब बेटी को देख पसीजा डॉक्टर का दिल, मशीन खराब थी तो हाथों से ही किया ऑपरेशन

डेढ़ साल की मासूम के हाथ का तुरंत ऑपरेशन होना था, लेकिन अस्पताल की मशीन खराब थी। ऐसे में मजबूर पिता की परेशानी को समझते हुए जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. शुजा ने हाथों से ही ऑपरेशन करने का फैसला लिया।
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Almora doctor shuza: Doctor done one year old poor girl operation in almora
Image: Doctor done one year old poor girl operation in almora

अल्मोड़ा: अल्मोड़ा के जिला अस्पताल में एक डॉक्टर ने इंसानियत की मिसाल पेश कर सबका दिल जीत लिया। जिस डॉक्टर की हम बात कर रहे हैं, उनका नाम है डॉ. शुजा। जिन्होंने अस्पताल की मशीन खराब होने के बावजूद एक गरीब बच्ची के हाथ का ऑपरेशन कर, उसे उसका बचपन लौटा दिया। घटना शनिवार की है। अल्मोड़ा में रहने वाले पनीराम की डेढ़ साल की बच्ची मानसी घर में खेलते हुए गिर गई थी। जिस वजह से उसके दाएं हाथ की कोहनी टूट गई। मासूम का रो-रोकर बुरा हाल था। गरीब पिता उसे अस्ताल ले गए तो पता चला कि हड्डी के ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाली करीब 10 लाख रुपये की मशीन ढाई महीने से खराब पड़ी है। ये जानकर पनीराम निराश हो गए। बच्ची के पिता मजदूरी करते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर होने की वजह से वो बेटी को इलाज के लिए हल्द्वानी ले जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। आगे पढ़िए

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पनीराम ने जिला अस्पताल में तैनात हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. शुजा को अपनी आर्थिक तंगी और गरीबी का हवाला दिया। पहले तो डॉ. शुजा ने मशीन नहीं होने की बात कहकर ऑपरेशन करने से इंकार कर दिया, लेकिन मजबूर पिता की विनती और मासूम का चेहरा देख डॉ. शुजा ने हाथों से ही ऑपरेशन करने का फैसला लिया। डॉ. शुजा बच्ची को तुरंत ऑपरेशन थियेटर लेकर गए। जहां करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद बच्ची का सफल ऑपरेशन किया गया। डॉ. शुजा ने बताया कि मशीन ऑपरेशन के बाद हड्डी ठीक से सेट हुई या नहीं, इसकी जानकारी देती है। बिना मशीन के इसका अंजादा लगा पाना मुश्किल होता है। मशीन खराब होने पर उन्होंने ऑपरेशन के दौरान हाथों से ही हड्डी को सेट किया। इसमें समय तो लगा पर बच्ची के ठीक होने पर वो अच्छा महसूस कर रहे हैं। गरीब पिता की मजबूरी समझते हुए पीएमएस डॉ. आरसी पंत ने भी उनसे ऑपरेशन का कोई खर्चा नहीं लिया। डॉ. शुजा नाजिम ने गरीब परिवार की मदद करके ये साबित कर दिया कि अभी भी कुछ अच्छे लोग इस दुनिया में मौजूद हैं। जिनकी बदौलत इंसानियत जिंदा है।