अपनी लोक संस्कृति को बढाने एंव नयी पीढी़ को अपनी संस्कृति से रूबरू करवाने के लिए मेलों का आयोजन सामुहिक प्रयासों से करना जरूरी हैं।
-
mohan giri, tharali
-
Advertisement
Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
Example Ads Media
Image: CHAMOLI DISTRICT DUNGRI MELA
चमोली: उत्तराखंड की संस्कृति में मेलों का विशेष महत्व है मेले जहां मिलन का मुख्य केंद्र तो होते ही हैं वही इन मेलो के जरियें ही अपनी लोकसंस्कृति को जीवित रखने के साथ ही उसके प्रसार का एक सशक्त माघ्यम भी बनते जा रहे हैं। जो लोकसंस्कृति के संरक्षण के लिए शुभ संकेत ही माना जा सकता हैं।यह बात सोल डुंग्री में आयोजित महा शिवरात्रि के पूर्व पर्व पर जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी ने बतौर मुख्य अतिथि उद्घाटन करते हुए कही।डुंग्री में आयोजित तीन दिवसीय शिवरात्रि मेले का एक भव्य समारोह के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष भंडारी ने करते हुए कहा की अपनी लोक संस्कृति को बढाने एंव नयी पीढी़ को अपनी संस्कृति से रूबरू करवाने के लिए मेलों का आयोजन सामुहिक प्रयासों से करना जरूरी हैं। उन्होने डुंग्री मेले को हर संभव सहायता का आयोजन कमेटी को आश्वासन दिया।इस मौके पर पूर्व कैबिना मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी ने मेले के आयोजन की सराहना करते हुए अभी भी सोल क्षेत्र में तमाम समस्याओं का निराकरण ना होने पर चिंता जताते हुए इसके लिए शासन,प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराते हुए, संयुक्त प्रयासो से इसके निराकरण में जुटने पर बल दिया।हंस फाउंडेशन के सचिव पदमेंद्र बिष्ट ने मेले के आयोजन एंव प्रस्तुत कार्यक्रमों की सराहना की।इस मौके पर सूना वार्ड के जिपंस देवी जोशी, पूर्व जिपंस महेश शंकर त्रिकोटी,कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह रावत, सोल संघर्ष समिति के अध्यक्ष हयात नेगी,भानु प्रकाश फर्स्वाण, आदि ने विचार व्यक्त कियें।इस से पूर्व स्कूली बच्चों के साथ ही स्थानीय जनता ने मुख्यअतिथि सहित अन्य अतिथियों का फूल मालाओं,गाजेबाजें के साथ भव्य रूप से स्वागत किया। उद्घाटन के मौके पर क्षेत्र के स्कूल, कालेजों के साथ ही लोकगायक दर्शन फ़र्श्वान और कलाकार सुरेंद्र कमांडर ने तमाम कार्यक्रम प्रस्तुत कियें। इस मौके पर मेला समिति के अध्यक्ष भरत रावत,मेला संचालक चरण सिंह रावत, ग्राम प्रधान दीपा मिश्रा,क्षेपंस मंजू देवी, पार्वती देवी, दर्शनी देवी, सुरेंद्र नेगी, सुनील रावत, सूरज कुमार, अभिशेख मिश्रा,बलवीर राणा आदि ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा की जन सहयोग से मेले का संचालन किया जा रहा हैं।
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: महिलाओं के लिए रोजगार का जरिया बना पूर्णागिरि मेला, स्थानीय उत्पादों से शानदार कमाई