धन्य हैं पहाड़ की देवेश्वरी देवी, बेटी की शादी में नहीं बंटने दी शराब..पूरे घाट ब्लॉक में तारीफ

घाट क्षेत्र में शराबबंदी आंदोलन में सक्रिय रहीं देवेश्वरी देवी ने बेटी की शादी में शराब नहीं बंटने दी। क्षेत्र में शराब के बिना संपन्न होने वाली ये पहली शादी है...
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Chamoli news: Mother did not distribute liquor in daughter marriage
Image: Mother did not distribute liquor in daughter marriage

चमोली: नशाखोरी पहाड़ के माथे पर कलंक सरीखा है। सुख हो या फिर दुख, बिना शराब परोसे कोई समारोह नहीं होता, कोई रस्म पूरी नहीं मानी जाती। अब नशाखोरी को खत्म करने के लिए पहाड़ की महिलाएं आगे आई हैं। इन्हीं महिलाओं में से एक हैं देवेश्वरी देवी, जिन्होंने अपनी बेटी की शादी में शराब नहीं परोसने दी। शराब का बहिष्कार करने वाली देवेश्वरी की हर तरफ तारीफ हो रही है, लोग उनकी पहल को सराह रहे हैं। चमोली में एक ब्लॉक है घाट। इसी घाट ब्लॉक के बाजबगड़ गांव में देवेश्वरी देवी अपने पति त्रिलोक सिंह बिष्ट और बेटी प्रियंका के साथ रहती हैं। 28 और 29 फरवरी को प्रियंका की शादी जोशीमठ के सेलंग में रहने वाले प्रवीण के साथ हुई। जिसमें शराब नहीं परोसी गई। दरअसल देवेश्वरी ने ये पहले ही तय कर लिया था कि वो बेटी की शादी में शराब नहीं परोसने देंगी।

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उन्होंने शादी के कार्ड में भी नशामुक्ति का संदेश छपवाया था। जो संकल्प देवेश्वरी ने लिया उसे पूरा भी किया। प्रियंका की शादी में शराब नहीं परोसी गई। क्षेत्र में ये पहली ऐसी शादी थी जो कि बिना शराब के संपन्न हुई। आपको बता दें कि घाट क्षेत्र में शराबबंदी को लेकर पिछले साल महिलाओं ने लंबा आंदोलन किया था। महिलाओं ने शराब दी दुकान में तालाबंदी की। तहसील में धरना-प्रदर्शन भी किया था। देवेश्वरी देवी ने भी आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और शराबबंदी की शुरुआत अपने घर से की। उनकी बेटी की शादी बिना शराब पार्टी के धूमधाम से संपन्न हुई। विवाह समारोह में पूरे गांव ने उत्साह से हिस्सा लिया, देवेश्वरी देवी की पहल को सराहा भी। ग्रामीणों ने कहा कि शुभ कार्यों में शराब के बढ़ते प्रचलन को रोकने की जरूरत है। देवेश्वरी देवी से सीख लेकर दूसरे परिवारों को भी शादी में कॉकटेल पार्टी की परंपरा खत्म करने के लिए आगे आना चाहिए।