गढ़वाल में गुलदार से बचने के लिए पेड़ पर चढ़ी महिला, करंट लगने से झुलसी..पुलिस बनी देवदूत

पौड़ी गढ़वाल में गुलदार को सामने देख महिला पेड़ पर चढ़ गई, इसी दौरान वो पेड़ के पास से गुजर रही बिजली लाइन की चपेट में आ गई। महिला की जान बचाने के लिए पुलिसकर्मियों को भी पेड़ पर चढ़ना पड़ा, देखें वीडियो...
Advertisement जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स

प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails

Example Ads Media
Pauri Garhwal news: Lady climb tree for save life in pauri garhwal
Image: Lady climb tree for save life in pauri garhwal

पौड़ी गढ़वाल: पहाड़ में गुलदार आंतक का सबब बने हुए हैं। गुलदार के डर से बच्चे स्कूल नहीं जा रहे, महिलाएं मवेशियों के लिए चारा-पत्ती नहीं जुटा पा रहीं। लोगों को घर से बाहर निकलने में डर लगने लगा है। एक ऐसी ही घटना पौड़ी में देखने को मिली, जहां गुलदार ने महिला पर हमला नहीं किया, लेकिन फिर भी महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे इलाज के लिए कोटद्वार के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हुआ क्या था, ये भी बताते हैं। घटना रिखणीखाल क्षेत्र की है। जहां वलशा मल्ला गांव में रहने वाली लक्ष्मी देवी घास लेने के लिए जंगल गई हुई थी। इसी दौरान महिला के सामने गुलदार आ धमका। गुलदार को सामने देख महिला बुरी तरह डर गई, उसे कुछ नहीं सूझा तो वो किसी तरह एक पेड़ पर चढ़ गई। आगे देखिए वीडियो

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड में बड़ा रिकॉर्ड बना रहा है ये पहाड़ी गीत, 4 महीने में 1 करोड़ लोगों ने देखा..आप भी देखिए
पेड़ के पास से बिजली की लाइन गुजर रही थी, जिस वजह से महिला को करंट लग गया। बाद में पुलिस बुलाई गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। पुलिसकर्मी खुद पेड़ पर चढ़े और किसी तरह महिला को पेड़ से नीचे उतारा। बाद में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। रिखणीखाल स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के बाद महिला को कोटद्वार रेफर कर दिया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि कैसे पुलिसकर्मी महिला की जान बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं।

गढ़वाल में गुलदार से बचने के लिए पेड़ पर चढ़ी महिला, करंट लगने से झुलसी..पुलिस बनी देवदूत

Posted by Ruchi Rawat on Thursday, March 5, 2020

ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में घूम रहे गुलदार आतंक का सबब बने हुए हैं। गुलदार के खौफ की वजह से लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं, शाम होने से पहले ही गांव में सन्नाटा पसर जाता है। वन विभाग को गांव में गश्त बढ़ानी चाहिए ताकि हम चैन की सांस ले सकें।